खतियानी नक्शे के आधार पर होगा नालों का नापी-सर्वे

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पटना : राजधानी के प्रमुख नालों पर अतिक्रमण करके कराये गये निर्माण कार्यों को जिला प्रशासन उखाड़ने की तैयारी में है. मुख्य नालों की उड़ाही को लेकर उसके भौतिक सत्यापन व अतिक्रमित की मापी की समीक्षा के बाद प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने बादशाही पइन सहित नौ नालों को अतक्रिमण मुक्त कराने एवं उनकी […]

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पटना : राजधानी के प्रमुख नालों पर अतिक्रमण करके कराये गये निर्माण कार्यों को जिला प्रशासन उखाड़ने की तैयारी में है. मुख्य नालों की उड़ाही को लेकर उसके भौतिक सत्यापन व अतिक्रमित की मापी की समीक्षा के बाद प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने बादशाही पइन सहित नौ नालों को अतक्रिमण मुक्त कराने एवं उनकी उड़ाही का निर्देश दिया है. इसके लिए जल संसाधन, जिला प्रशासन, नगर निगम एवं पथ निर्माण विभाग की संयुक्त नौ टीमें गठित की गयी है.

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निर्देश है कि बादशाही पइन सहित आनंदपुरी नाला, पटेल नगर नाला, सैदपुर नाला से शनिचरा तक, जोगीपुर संप हाउस से बायपास होते हुए पहाड़ी तक, नंदलाल छपरा से मीठापुर तक, बायपास किनारे अवस्थित नाला, बाकरगंज नाला, कुर्जी नाला, दीघा-आशियाना पथ तथा एयरपोर्ट से राजधानी वाटिका होते अशोक राजपथ सरपेंटेंन, मंदिरी नाला का विस्तृत सर्वेक्षण होगा. खतियानी नक्शा के आधार पर नाला की जांच की जायेगी. प्रमंडलीय आयुक्त ने अतिक्रमण हटाने के दौरान अवरोध उत्पन्न करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिये हैं.
इन नालों पर चिह्नित हो चुके हैं अतिक्रमण वाले मकान : प्रमंडलीय आयुक्त ने एडीएम (विधि-व्यवस्था), एसडीओ सदर एवं सीओ सदर
को निर्देश दिया है कि नंदलाल छपरा में बादशाही नाला के आधा किमी की नापी में चिह्नित पांच मकान हटाये जाये. इसी तरह अंचलाधिकारी संपतचक को संपतचक अंचल अंतर्गत नाला पर दो किमी में चिह्नित लगभग 19 पक्का अतिक्रमित मकान को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया है.
अंचलाधिकारी लवारीशरीफ ऐसे 60 कच्चे-पक्के मकानों पर कार्रवाई करेंगे, ताकि जल जमाव की समस्या उत्पन्न न हो. सभी अतक्रिमित स्थलों पर लाल निशान लगाया जायेगा. अतिक्रमित मकानों पर भी लाल निशान लगाया जायेगा तथा अतिक्रमण अभियान के पूर्व नोटिस निर्गत कर तामिला, माइकिंग कराया जायेगा.
नालों को भरकर बनाया गया पुल, कराया जायेगा खाली
प्रमंडलीय आयुक्त ने समीक्षा के दौरान बताया कि नालों पर बने कच्चे-पक्के कुल 84 चिह्नित मकान को तोड़ने के लिए दो चरण में अभियान चलाया जायेगा. पहले चरण का अभियान 13 नवंबर से 20 नवंबर तक चलेगा. दूसरे चरण का अभियान 29 एवं 30 नवंबर को चलाया जायेगा.
समीक्षा में यह बात आयी है कि नालों को भरकर पुल बना दिया गया है. कहीं-कहीं अतिक्रमित कर मिट्टी भरकर नालों के ऊपर रोड बना दिया गया है. इस तरह के कच्चा-पक्का अतिक्रमण को हटाया जायेगा. बादशाही पइन सहित सभी नालों पर से अतक्रिमण हटा कर उड़ाही करने का निर्देश दिया गया है, ताकि सभी नालों से पानी का प्रवाह लगातार होता रहे. जल जमाव नहीं होने पाये.
आयुक्त ने कहा है कि पहले फुट पेट्रोलिंग करें इससे यह स्पष्ट हो जायेगा कि कौन-कौन अतिक्रमण कब किया गया है. किसी भी नाला के किनारे निर्माण किया गया है तो उसे भी अतिक्रमण माना जायेगा. निजी रास्ता ढलाई पुलिया बनाया गया है तो उसे भी अतिक्रमणमुक्त कराया जायेगा.
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