पटना : हथियार बचाने के लिए प्लास्टिक का प्रयोग
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

पटना : पटना पुलिस लाइन की स्थिति बदतर है. हर एक भवन जर्जर अवस्था में है. यहां तक की शस्त्रागार (मैगजीन) का भवन भी जर्जर है और उसे ठीक कराने के बजाय तात्कालिक व्यवस्था कर काम चलाया जाता है. शस्त्रागार में रखे हथियार को पानी या सीलन से बचाने के लिए प्लास्टिक का इस्तेमाल किया […]
विज्ञापन
पटना : पटना पुलिस लाइन की स्थिति बदतर है. हर एक भवन जर्जर अवस्था में है. यहां तक की शस्त्रागार (मैगजीन) का भवन भी जर्जर है और उसे ठीक कराने के बजाय तात्कालिक व्यवस्था कर काम चलाया जाता है. शस्त्रागार में रखे हथियार को पानी या सीलन से बचाने के लिए प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाता है. जबकि उक्त शस्त्रागार में हर तरह के हथियार व गोला-बारूद रखे हुए हैं. इस शस्त्रागार में पटना पुलिस, जीआरपी, होमगार्ड व एनसीसी के हथियार रखे हुए हैं. लेकिन जर्जर भवन को ठीक नहीं किया जा रहा है. पिछले दिनों हुई बारिश से भवन के अंदर पानी प्रवेश कर गया था और फिर रोका गया.
हथियार के वर्कशॉप में एस्बेस्टस की छत में हुआ है छेद : हथियार के वर्कशॉप में एस्बेस्टस की छत है, जिसमें छेद है. लेकिन उसे ठीक करने का प्रयास नहीं किया गया. जबकि उस छेद के नीचे आलमारी में महत्वपूर्ण हथियारों के पार्टस रखे हुए हैं. पार्टस को बचाने के लिए अलमारी के ऊपर प्लास्टिक बिछा दिया गया है. ताकि, छेद से पानी गिरे तो उसे प्लास्टिक द्वारा अलमारी के अंदर प्रवेश करने से रोका जा सके. बताया जाता है कि 17 सितंबर की रात बारिश से शस्त्रागार के बगल में स्थित पेड़ गिर गया था और छत में छेद हो गया था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










