एईस को लेकर मॉनसून सत्र के पहले चढ़ा सियासी पारा, मंगल पांडेय को लेकर BJP और JDU में तनातनी!

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Jun 2019 3:03 PM

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पटना : बिहार विधानमंडल का मॉनसून सत्र शुक्रवार यानी 28 जून से शुरू हो रहा है. एक ओर विपक्ष जहां सूबे की कानून-व्यवस्था और मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत मामले को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में जुटी है. वहीं, एनडीए में भी खींचतान की खबरें आ रही हैं. बताया जा रहा है कि […]

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पटना : बिहार विधानमंडल का मॉनसून सत्र शुक्रवार यानी 28 जून से शुरू हो रहा है. एक ओर विपक्ष जहां सूबे की कानून-व्यवस्था और मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत मामले को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में जुटी है. वहीं, एनडीए में भी खींचतान की खबरें आ रही हैं. बताया जा रहा है कि बिहार में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से बच्चों की मौत को लेकर सियासी पारा परवान चढ़ने लगा है.

जानकारी के मुताबिक, बिहार विधानमंडल का मॉनसून सत्र शुक्रवार यानी 28 जून से शुरू हो रहा है. विधानमंडल का सत्र 26 जुलाई तक चलेगा. सत्र के हंगामेदार होने की संभावना जतायी जा रही है. वहीं, विपक्ष सूबे की कानून-व्यवस्था और मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत मामले को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में जुटी है. सत्र के दौरान एईएस से बच्चों की मौत समेत कई मुद्दों को लेकर नीतीश सरकार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर मंगलवार को समीक्षा बैठक कर रहे हैं. वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार की एनडीए सरकार के भीतर खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं. बताया जा रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे से इस्तीफा मांग रहे हैं. हालांकि, बीजेपी सूत्रों ने संकेत दिया है कि वह इस्तीफा नहीं देंगे.

संगठनात्मक क्षमता से पार्टी को दिया विस्तार

बिहार बीजेपी के कद्दावर नेता मंगल पांडे माने जाते हैं. राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी पहचान सशक्त संगठनकर्ता की रही है. बिहार बीजेपी के अध्यक्ष रहे मंगल पांडेय ने पार्टी को विस्तार देने के साथ झारखंड और हिमाचल प्रदेश के चुनाव प्रभारी रह चुके हैं. चुनाव प्रभारी रहते हुए दोनों जगहों पर उन्होंने बीजेपी को जीत दिला चुके हैं.

बिहार की राजनीति में कद्दावर युवा चेहरा हैं मंगल पांडे

वर्ष 1987 में मंगल पांडे (45 वर्षीय) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ज्वाइन किये थे. इसके बाद वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करीब आये. करीब दो वर्षों बाद 1989 में वह बीजेपी में शामिल हो गये. वर्ष 2005 में मंगल पांडेय प्रदेश भाजपा के महासचिव नियुक्त किये गये. फिर, करीब सात वर्षों बाद वर्ष 2012 में मंगल पांडेय बिहार विधान परिषद के सदस्य बने. करीब एक वर्ष बाद वर्ष 2013 में उन्हें प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बन कर प्रदेश बीजेपी को एक नयी ऊंचाई दी. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में मंगल पांडेय बिहार भाजपा के युवा नेता के तौर पर पहचान बनाने में सफल रहे. मंगल पांडेय की पहचान सशक्त संगठनकर्ता के रूप में की जाने लगी है. चुनाव प्रभारी के रूप में झारखंड और हिमाचल प्रदेश में बीजेपी को सफलता दिलाने का श्रेय मंगल पांडेय को जाता है.

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