पेपर ठीक हो, तो बिहार के रास्ते बाहर जाने वाली शराब की गाड़ियों को न करें परेशान
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : पटना हाइकोर्ट ने वैध कागजात के साथ बिहार होकर दूसरे राज्यों में जाने वाली शराब की गाड़ियों को पकड़ कर परेशान नहीं करने का निर्देश राज्य सरकार व संबंधित अधिकारियों को दिया है. न्यायाधीश ज्योति शरण और न्यायाधीश अंजनी कुमार शरण की खंडपीठ ने सीटीआइ इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर रिट […]
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पटना : पटना हाइकोर्ट ने वैध कागजात के साथ बिहार होकर दूसरे राज्यों में जाने वाली शराब की गाड़ियों को पकड़ कर परेशान नहीं करने का निर्देश राज्य सरकार व संबंधित अधिकारियों को दिया है. न्यायाधीश ज्योति शरण और न्यायाधीश अंजनी कुमार शरण की खंडपीठ ने सीटीआइ इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर रिट याचिका पर अपना यह फैसला सुनाया है.
खंडपीठ ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई पूरी कर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिस पर मंगलवार को अपना फैसला सुनाया. खंडपीठ ने जिला प्रशासन किशनगंज को निर्देश दिया कि वह आदेश मिलने के 72 घंटे के अंदर जब्त की गयी गाड़ी को छोड़ दे. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर इस अवधि में गाड़ी को नहीं छोड़ा गया, तो संबंधित दोषी अधिकारियों पर 10 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जायेगा.
डिजिटल लॉक को लेकर लगायी फटकार : खंडपीठ ने बिहार से गुजरने वाली शराब लदी गाड़ियों में डिजिटल लॉक लगा कर गुजरने की अधिसूचना जारी नहीं करने पर भी नाराजगी जाहिर की है. कहा कि जब सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी ही नहीं की है, तो बिना डिजिटल लॉक लगाये जाने वाली गाड़ियों को क्यों जब्त किया जा रहा है.
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