खराब ग्लव्स की सप्लाइ, पहनते ही फट जा रहे हैं
Author Prabhat khabar digital desk
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आनंद तिवारी, पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में खराब दर्जे के ग्लव्स (दस्ताने) सप्लाइ किर गये हैं. ग्लव्स की क्वालिटी इतनी खराब है कि पहनते ही फट जा रहे हैं. सर्जरी के दौरान एक के बाद एक ग्लव्स फटने से डॉक्टर परेशान हैं. ऑपरेशन के दौरान इस तरह की घटनाओं से डॉक्टरों के अलावा […]
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आनंद तिवारी, पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में खराब दर्जे के ग्लव्स (दस्ताने) सप्लाइ किर गये हैं. ग्लव्स की क्वालिटी इतनी खराब है कि पहनते ही फट जा रहे हैं. सर्जरी के दौरान एक के बाद एक ग्लव्स फटने से डॉक्टर परेशान हैं. ऑपरेशन के दौरान इस तरह की घटनाओं से डॉक्टरों के अलावा सपोर्टिग स्टाफ भी हलकान हैं.
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ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. कई बार डॉक्टरों को ऐसे मरीजों का भी उपचार करना होता है, जो एचआइवी या दूसरे संक्रमण से पीड़ित होते हैं. खासकर सर्जरी और गायनी विभाग में ऐसे केस अक्सर आते हैं. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ग्लब्ज की जांच की जा रही है.
जेडीए ने उठाये सवाल : खराब ग्लब्ज से परेशान जूनियर व पीजी डॉक्टरों ने पीएमसीएच जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के सामने मुद्दा उठा चुका है. इसको लेकर जेडीए ने पीएमसीएच प्रशासन और अधीक्षक कार्यालय से शिकायत की है. जेडीए का कहना है कि ग्लव्स फटने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. इधर, जेडीए की नाराजगी के बाद अस्पताल प्रशासन संबंधी कंपनी को नोटिस करने की तैयारी में है.
इमरजेंसी वार्ड में फटा ग्लव्स
इमरजेंसी वार्ड में दोपहर दो बजे एक मरीज पहुंचा. उन्होंने मरीज को बेड पर लिटाया और ग्लव्स पहनने लगे. डॉक्टरों ने दो बार ग्लव्स पहनने की कोशिश की. दोनों बार ग्लव्स पहनने के दौरान ही फट गया. इसके बाद इमरजेंसी के जूनियर डॉक्टरों ने जेडीए के सामने अपनी परेशानी व्यक्त की. पीएमसीएच अस्पताल में हर साल सवा से डेढ़ लाख ग्लव्स की जरूरत पड़ती है.
अभी हाल ही में जो ग्लव्स की सप्लाइ पीएमसीएच में हुई वह खराब क्वालिटी की हैं. क्योंकि, इमरजेंसी, गायनी, ऑर्थोपेडिक्स आदि विभागों के जूनियर डॉक्टर जब ग्लव्स पहनते हैं, तो वह तुरंत फट जाते हैं. इसको देखते हुए हमने अस्पताल प्रशासन के सामने बेहतर क्वालिटी के ग्लव्स की मांग की है. ताकि, मरीज व डॉक्टर दोनों को परेशानी नहीं हो.
डॉ शंकर भारती, अध्यक्ष जेडीए, पीएमसीएच
ग्लब्ज को लेकर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का आरोप गलत है. क्योंकि, हमने ग्लव्स की जांच करायी है. जांच करने वाले अधिकारी ने ग्लव्स पहन कर देखा और ठीक कहा. पीएमसीएच में ग्लब्ज की सप्लाइ बीएमआइसीएल के माध्यम से हुई है, जहां जांच के बाद ही अस्पताल में भेजी जाती है.
डॉ आरके जमैयार, कार्यकारी अधीक्षक, पीएमसीएच
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