लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर से होगी निगरानी, अर्द्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां लगायी जायेंगी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Feb 2019 7:13 AM
पटना : लोकसभा चुनाव में मतदान से एक हफ्ते पहले ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर से निगरानी शुरू हो जायेगी. अर्द्धसैनिक बलों की 200 कंपनियों की सुरक्षा में चुनाव कराया जायेगा. सीमा पर चौकसी बढ़ाते हुए नाकेबंदी करने के निर्देश दिये गये हैं. हर नाकेबंदी पर सीसीटीवी कैमरा भी लगाये जायेंगे. चुनाव के दौरान […]
पटना : लोकसभा चुनाव में मतदान से एक हफ्ते पहले ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर से निगरानी शुरू हो जायेगी. अर्द्धसैनिक बलों की 200 कंपनियों की सुरक्षा में चुनाव कराया जायेगा. सीमा पर चौकसी बढ़ाते हुए नाकेबंदी करने के निर्देश दिये गये हैं. हर नाकेबंदी पर सीसीटीवी कैमरा भी लगाये जायेंगे.
चुनाव के दौरान एयर एंबुलेंस की भी व्यवस्था होगी. लोकसभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय के नोडल पदाधिकारियों के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी एचआर श्रीनिवास के साथ सोमवार को पहली बैठक हुई. विधि व्यवस्था के साथ ही अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती, वारंटियों की गिरफ्तारी, तबादलों से संबंधित बिंदुओं पर
चर्चा हुई. जिला बदर अपराधियों की थानों में नियमित हाजिरी शुरू कराने, सभी शस्त्र दुकानों के सत्यापन के भी निर्देश दिये गये. बिहार में 25 फरवरी को साढ़े तीन सौ अपराधियों की संपत्ति की कुर्की की गयी है.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने गिरफ्तारी अभियान तेज करने के निर्देश दिये हैं. लगातार निर्वाचन कार्यालय के पदाधिकारी भी इसकी समीक्षा कर रहे हैं. बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह, एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन, आइजी ऑपरेशन सुशील एम खोपड़े, एडीजी कानून व्यवस्था अमित कुमार, एससीआरबी के आइजी डॉ कमल किशोर, सीआरपीएफ की आइजी चारू सिन्हा, आयकर विभाग के संयुक्त निदेशक एके बसाक आदि थे.
रिसोर्स को देखे बिना चुनाव प्लान बनाना खतरे से खाली नहीं
कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष रवींद्र कुमार एवं डीजी नागरिक सुरक्षा अरविंद पांडे ने सोमवार को पुलिस को चुनाव प्रबंधन के टिप्स दिये. पुलिस अधिकारियों को सलाह दी कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए रिसोर्स को देखे बिना तैयारी करने से दिक्कत हो सकती है. प्लानिंग ऐसी बनायी जाये जो व्यावहारिक हो.
वाहनों की जरूरतों पर हुई चर्चा
पटना : लोकसभा चुनाव में वाहनों की जरूरतों को लेकर चर्चा शुरू हो गयी है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास से परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने सोमवार की शाम मुलाकात की. परिवहन सचिव ने बताया कि चुनाव के दौरान वाहनों की जरूरतों पर बात हुई है.
जिलों से अभी डिमांड नहीं आयी है. इसकी वजह से आवश्यकता वाले वाहनों की संख्या पता नहीं चल रही है. जिलों से रिपोर्ट आने के बाद व्यवस्था कर ली जायेगी. उधर, प्रदेश के विभिन्न निर्वाचन कार्यालयों के लिए 328 कंप्यूटर ऑपरेटरों की जरूरत है. इसके लिए निर्वाचन विभाग ने बेल्ट्रॉन को पत्र लिखा है.
चुनाव से मुक्त रहेंगे आपदा पदाधिकारी व कर्मचारी : बिहार के कुल 25 जिलों के 280 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. सूखे की स्थिति की लगातार समीक्षा की आवश्यकता है. ऐसे में जिला स्तर पर चुनाव कार्य से सुखाड़ आपदा प्रबंधन से संबंधित पदाधिकारियों व कर्मियों को मुक्त रखने के लिए मुख्य सचिव ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. सुखाड़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर आपातकालीन संचालन केंद्र सातों दिन 24 घंटे काम करेगा. जिला स्तर पर फोन नंबर पर प्रकाशन करने का भी प्रस्ताव दिया गया है.
मीडियाकर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम छह मार्च को : मुख्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से मीडियाकर्मियों के लिए वीवीपैट और इवीएम का प्रशिक्षण दिया जायेगा. छह मार्च को दोपहर साढ़े तीन बजे कार्यालय के सभागार में इवीएम व वीवीपैट से संबंधित बारीकियां बतायी जायेंगी.
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