पटना : सफाई व्यवस्था को लेकर भी हो रही है समस्या

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पटना : शहर के वार्ड 19 में एक अलग ही परेशानी है. बीते नौ माह से अधिक समय से बगैर पार्षद के ही वार्ड चल रहा है. लगभग 70 हजार की जनसंख्यावाले इस वार्ड में कोई पार्षद ही नहीं है. बीते नौ माह से जनप्रतिनिधि नहीं होने के कारण इस वार्ड के लोगों को जाति, […]

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पटना : शहर के वार्ड 19 में एक अलग ही परेशानी है. बीते नौ माह से अधिक समय से बगैर पार्षद के ही वार्ड चल रहा है. लगभग 70 हजार की जनसंख्यावाले इस वार्ड में कोई पार्षद ही नहीं है. बीते नौ माह से जनप्रतिनिधि नहीं होने के कारण इस वार्ड के लोगों को जाति, आय, आवास से लेकर अन्य प्रमाणपत्रों को बनवाने में परेशानी हो रही है. कागजों को सत्यापित कराने के लिए स्थानीय लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है. इसके साथ ही सफाई व्यवस्था को लेकर भी परेशानी हो रही है. बीते वर्ष अप्रैल में इस वार्ड का निर्वाचन रद्द हो गया था.
चुनाव के कारण और हो सकती है देरी
अब जिला निर्वाचन कार्यालय लोकसभा चुनाव की तैयारी में है. इस कारण वार्ड में निर्वाचन को लेकर देर होने की आशंका है. जानकारी के अनुसार नगर निगम चुनाव में वार्ड 19 में शारदा देवी चुनाव जीत कर पार्षद बनी थीं, लेकिन बाद में उनकी उम्र को लेकर विवाद हो गया.
इस कारण मामला चुनाव आयोग में चला गया. इसके बाद अप्रैल में निर्वाचन कार्यालय की ओर से उनके निर्वाचन को रद्द कर दिया गया. उसके बाद वहां दोबारा चुनाव नहीं हो सका है. इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण इलाके, जैसे-मीठापुर सब्जी मंडी, चावल बाजार, खगौल रोड, सब्जी बाजार आते हैं.
छह माह के भीतर कराना होता है चुनाव : नियमानुसार किसी भी पद पर निर्वाचन रद्द होने के छह माह के भीतर फिर से चुनाव कराना होता है. यहां मामला नौ माह से अधिक हो चुका है. जिले में निर्वाचन पदाधिकारी बताते हैं कि राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार तिथि में बदलाव भी किया जा सकता है. वहीं वहां की पूर्व पार्षद सुनैना देवी के बताया कि उप चुनाव जरूरी है. चुनाव से कई समस्याओं का हल होगा.
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