मिशन-2019 : सुपौल लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस की सीधी टक्कर जदयू से, जानें प्रत्‍याशियों और मतदाताओं के बारे में

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एक ओर रंजीत रंजन तो दूसरी ओर होंगे दिलेश्वर कमैत पटना : सुपौल लोकसभा सीट के लिए दलीय उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं हुई है. लेकिन, मतदाताओं के बीच दो नाम कौंध रहे हैं. कांग्रेस की मौजूदा सांसद रंजीत रंजन और जदयू के दिलेश्वर कमैत यहां से इस बार भी उम्मीदवार होंगे. एनडीए के […]

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एक ओर रंजीत रंजन तो दूसरी ओर होंगे दिलेश्वर कमैत
पटना : सुपौल लोकसभा सीट के लिए दलीय उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं हुई है. लेकिन, मतदाताओं के बीच दो नाम कौंध रहे हैं. कांग्रेस की मौजूदा सांसद रंजीत रंजन और जदयू के दिलेश्वर कमैत यहां से इस बार भी उम्मीदवार होंगे.
एनडीए के बीच सुपौल की सीट जदयू को मिलती दिख रही है. वहीं, सीटिंग सीट होने के चलते कांग्रेस की रंजीत रंजन की उम्मीदवारी तय मानी जा रही है. इलाके में जदयू उम्मीदवार के तौर पर उर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव के नाम की भी चर्चा है. 2014 के चुनाव में सुपौल में रंजीत रंजन और दिलेश्वर कमैत के बीच ही मुख्य मुकाबला हुआ था.
जदयू के उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे थे़ भाजपा यहां तीसरे नंबर पर रही़ सुपौल और आसपास के इलाके में पचपनिया के नाम से पहचाने जाने वाली अतिपिछडी जातियों की ताकतवर लाॅबी हार-जीत का फैसला करती रही है़ मैथिल ब्राह्मण व यादव मतदाताओं की गोलबंदी एक दूसरे के खिलाफ : यहां मैथिल ब्राह्मण व यादव मतदाताओं की गोलबंदी एक दूसरे के खिलाफ होती रही है़ लेकिन, रंजीत रंजन को मिली जीत ने इस मिथक को भी खत्म कर दिया. रंजीत रंजन पप्पू यादव की पत्नी है.
इस इलाके में कांग्रेस मैथिल ब्राह्मणों की पसंदीदा पार्टी रही है़ एक ओर पूर्व केंद्रीय मंत्री ललित नारायण मिश्र और डाॅ जगन्नाथ मिश्र की छवि का लाभ कांग्रेस को मिलता रहा है़ जदयू की ताकत भी पिछले चुनाव की तुलना में इस बार बढ़ी है. सुशासन की छवि वाले नीतीश कुमार के पक्ष में सवर्ण मतदाताओं की बड़ी तादाद लामबंद रही है.
हालांकि, इसी इलाके में ‘कभी रोम पोप का-सहरसा गोप का’ नारा भी गूंजा करता था़ परिसीमन के पूर्व यह सीट सहरसा के नाम से जानी जाती थी़ यह जदयू के तिलेश्वर कमैत 2,73255 वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहे़ रंजीता रंजन को सर्वाधिक 3,32925 वोट आये और कामेश्वर चौपाल को 2,49687 वोट मिले़
– इनपुट सुपौल से अमरेंद्र कुमार अमर
एक-एक पर राजद और भाजपा
सुपौल लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुल 06 विधानसभा क्षेत्र हैं. जिसमें सुपौल, पिपरा, त्रिवेणीगंज, छातापुर, निर्मली व मधेपुरा जिले का सिंहेश्वर विधानसभा शामिल है. इनमें चार पर जदयू और एक-एक सीट राजद व भाजपा के पास है.
क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 14 लाख, 81 हजार 907 है. जिनमें 07 लाख, 72083 पुरुष व 07 लाख, 9787 महिला मतदाता शामिल हैं.
– वर्ष 2009 में वजूद में आया सुपौल लोकसभा क्षेत्र : भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से क्षेत्रों के विच्छेदीकरण के दौरान सुपौल लोकसभा सीट सर्वप्रथम वर्ष 2009 में स्वतंत्र रूप से वजूद में आया. इससे पूर्व सहरसा जिला भी सुपौल लोकसभा क्षेत्र में शामिल था. जो नये परिसीमन के बाद मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा बन गया.
इस लोस क्षेत्र में मतदताओं की कुल संख्या 14 लाख, 81 हजार 907 है.
07 लाख, 72083 पुरुष व 07 लाख, 9787 महिला मतदाता शामिल हैं.

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