MSME विकास का इंजन, RTI में हुआ खुलासा, 2 साल में बिहार में सबसे ज्यादा 5.88 लाख स्मॉल इंडस्ट्री रजिस्टर्ड

Published at :23 Oct 2018 1:07 AM (IST)
विज्ञापन
MSME विकास का इंजन, RTI में हुआ खुलासा, 2 साल में बिहार में सबसे ज्यादा 5.88 लाख स्मॉल इंडस्ट्री रजिस्टर्ड

नयी दिल्ली : केंद्र सरकार के प्रयास से बिहार और यूपी में सर्वाधिक सूक्ष्म, लघु एवं मंझोले उद्योग खुले. हालांकि दोनों राज्यों से शिक्षा और रोजगार की तलाश में लोगों का पलायन अभी भी सबसे ज्यादा होता है. केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, दो सालों में बिहार 5,88,200 छोटे उद्योग और यूपी में 5,38,697 […]

विज्ञापन
नयी दिल्ली : केंद्र सरकार के प्रयास से बिहार और यूपी में सर्वाधिक सूक्ष्म, लघु एवं मंझोले उद्योग खुले. हालांकि दोनों राज्यों से शिक्षा और रोजगार की तलाश में लोगों का पलायन अभी भी सबसे ज्यादा होता है. केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, दो सालों में बिहार 5,88,200 छोटे उद्योग और यूपी में 5,38,697 सूक्ष्म, लघु एवं मंझोले उद्योग रजिस्टर्ड हुए.
आरटीआइ कार्यकर्ता रंजन तोमर के आवेदन पर सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत केंद्रीय सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराये गये आंकड़ों में इसका खुलासा हुआ है.
मई 2016 से अगस्त 2018 के बीच बिहार में सर्वाधिक छोटे उद्योग रजिस्टर्ड हुए. इस दौरान सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के रजिस्ट्रेशन मामले में दूसरा स्थान 5,67,486 उद्योगों के साथ महाराष्ट्र का है.
तीसरे पर यूपी 5,38,697 है. केंद्रीय सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय ने सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित राज्यों में शुरू किये गये सूक्ष्म, लघु एवं मंझोले उद्योगों की सूची उपलब्ध करायी है. 26 मई 2016 से 26 अगस्त 2018 के दौरान पूरे देश में 43,27,293 सूक्ष्म, लघु एवं मंझोले उद्योग शुरू किये गये. इस दौरान सिर्फ बिहार और यूपी में लगभग एक चौथाई छोटे उद्योग शुरू हुए. हालांकि छोटे उद्योगों की बहुलता के बावजूद दोनों राज्यों से रोजगार की तलाश में पलायन की दर भी सर्वाधिक है. हालांकि पलायन को लेकर सरकारी स्तर पर राज्यवार आंकड़ों का अभाव है.
यूपी, बिहार और मप्र से सालाना 90 लाख का पलायन
पिछले साल की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक साल 2011 से 2016 के बीच पांच साल में अंतरराज्यीय स्तर पर सालाना 90 लाख लोग शिक्षा एवं रोजगार के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में गये. रिपोर्ट के मुताबिक इनमें सर्वाधिक पलायन यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश से दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात के लिए हुआ.
राज्य एमएसएमइ रजिस्ट्रेशन
बिहार 5,88,200
महाराष्ट्र 5,67,486
यूपी 5,38,697
गुजरात 4,33,654
केंद्र शासित दिल्ली 54,395
राजस्थान 2,64,496
एमएसएमइ इंडस्ट्री विकास का इंजन
एमएमएमइ इंडस्ट्री को ग्रोथ का इंजन कहा जाता है. इस सेक्टर में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं. लेकिन इसके लिए लोगों को क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठाने और उनमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कुशलता देने की जरूरत है. सरकार इस दिशा में काम कर रही है.
50 करोड़ लोगों को रोजगार दे सकता है एमएसएमइ इंडस्ट्री
08 प्रतिशत का योगदान दे सकता है एमएसएमइ भारत के जीडीपी में
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन