पटना : दो गुटों में चल रहा शह-मात का खेल, डीजीपी के पाले में ”गेंद
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन
पुलिस एसोसिएशन का चुनाव पटना : बिहार पुलिस एसोसिएशन की केंद्रीय कार्यकारिणी के चुनाव को लेकर पुलिस में माहौल गरमाता जा रहा है. निवर्तमान अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन पटना के जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने ताल ठोंक दी है. दोनों ही गुट डीजीपी से अपनी-अपनी मनमाने को अपने-अपने तर्क रख रहे […]
विज्ञापन
पुलिस एसोसिएशन का चुनाव
पटना : बिहार पुलिस एसोसिएशन की केंद्रीय कार्यकारिणी के चुनाव को लेकर पुलिस में माहौल गरमाता जा रहा है. निवर्तमान अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन पटना के जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने ताल ठोंक दी है. दोनों ही गुट डीजीपी से अपनी-अपनी मनमाने को अपने-अपने तर्क रख रहे हैं. चुनाव में किसका पलड़ा भारी रहेगा यह अरविंद गुट द्वारा डीजीपी के यहां शुक्रवार को गयी शिकायत पर पुलिस मुख्यालय केे निर्णय से तय होगा.
बिहार पुलिस एसोसिएशन का चुनाव दो नवंबर को होना है. इसके लिये नौ सितंबर को पटना में अभियंता भवन में बिहार पुलिस एसोसिएशन की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में 21 सदस्यीय चुनाव कमेटी गठन किया गया था.
पुलिस एसोसिएशन की प्रत्येक शाखा और जिला से डेलीगेट्स (वोटर) बनाया गया है. राज्य के 1500 से अधिक सहायक अवर निरीक्षक, दारोगा और निरीक्षक अपने मत का प्रयोग करेंगे. निवर्तमान अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित चुनाव कमेटी और डेलीगेट्स को लेकर माहौल अधिक गरमाया है. अध्यक्ष पद के लिये दावेदारी कर रहे अरविंद यादव शुक्रवार को एडीजी मुख्यालय एसके सिंघल से मिले. शिकायत की कि 21 सदस्यीय चुनाव कमेटी और डेलीगेट्स के गठन तथा जिला के पदाधिकारी वर्तमान पद से इस्तीफा देने के बाद ही चुनाव लड़ेंगे यह तुगलकी फरमान है.
निवर्तमान अध्यक्ष ने अपनी जीत सुनिश्चित करने को नियम विरुद्ध नियम बनाये हैं. निवर्तमान उपाध्यक्ष कुमारी वंदना का कहना था कि अध्यक्ष और महामंत्री के नामांकन के लिये 15 हजार तथा अन्य पदों के लिये 11 हजार का नामांकन शुल्क लिया जाना नियमावली के खिलाफ है. हम इसका विरोध कर रहे हैं. अध्यक्ष पद के लिये दावेदार पेश कर रहे अरविंद यादव और महामंत्री पद के दावेदार देवेंद्र शर्मा का कहना है कि पुलिस मुख्यालय जो भी निर्णय दे चुनाव लड़ेंगे. सभी की मांग है कि किसी आईपीएस की निगरानी में पुलिस मुख्यालय चुनाव कराये.
अनुशासन ही सर्वोपरि है
दूसरे लोग हमारे बारे में क्या कह रहे हैं. हमारे लिये यह मायने नहीं रखता है. हम उस विभाग से हैं जिसमें अनुशासन ही सर्वोपरि है. मैंने बतौर अध्यक्ष जो भी निर्णय लिये हैं वह एसोसिएशन के हित में नियमानुसार लिये हैं. साथियों की समस्याओं को दूर कराने का सदैव प्रयास किया है.
मृत्युंजय कुमार सिंह, निवर्तमान अध्यक्ष, बिहार पुलिस एसोसिएशन
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन