आपने कहां से और कैसे बनायी इतनी संपत्ति? : इडी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Jul 2017 8:54 AM
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मीसा पर समन जारी कर पूछताछ करेगा इडी, मांगेगा जवाब पटना : इडी (प्रवर्तन निदेशालय) की नई दिल्ली में शनिवार को सांसद मीसा भारती के तीन ठिकानों पर हुई छापेमारी में बरामद कागजातों की फिलहाल जांच चल रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इडी को उम्मीद के अनुसार कागजात या अन्य किसी तरह […]
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मीसा पर समन जारी कर पूछताछ करेगा इडी, मांगेगा जवाब
पटना : इडी (प्रवर्तन निदेशालय) की नई दिल्ली में शनिवार को सांसद मीसा भारती के तीन ठिकानों पर हुई छापेमारी में बरामद कागजातों की फिलहाल जांच चल रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इडी को उम्मीद के अनुसार कागजात या अन्य किसी तरह के दस्तावेज नहीं मिले हैं.
मीसा पर दर्ज मामले की जांच के लिए बहुत ज्यादा दस्तावेजों की जरूरत भी नहीं है. इडी फिलहाल उसकी फर्जी कंपनी ‘मिशैल पैर्क्स एंड इंपोर्टर प्राइवेट लिमिटेड’ से जुड़ी घोटालेबाजी की ही जांच कर रही है. साथ ही मिशैल कंपनी के शेयरों के माध्यम से नई दिल्ली के जाने-माने हवाला कारोबारी जैन बंधु के आठ हजार करोड़ की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के घपले की छानबीन चल रही है. बताया जा रहा है कि इन मामलों में सांसद मीसा भारती के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. इस वजह से उनके खिलाफ भी जैन बंधु से जुड़े पीएमएलए (प्रीवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट) केस के अंतर्गत ही कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. इस केस में उनकी मुसीबत बढ़नी तय मानी जा रही है.
जैन बंधु से जुड़े मामले में अब तक की कागजी जांच के दौरान इडी के पास मीसा की संपत्ति से जुड़े जितने भी मामले सामने आये थे, मुख्य रूप से उनका स्पॉट वेरीफिकेशन और इनके कागजात समेत कुछ अन्य बातों की जांच छापेमारी के दौरान की गयी. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार की मिशैल कंपनी के शेयरों से जुड़े तमाम मामलों को लेकर उनसे गहन पूछताछ होने वाली है.
इनसे मुख्य रूप से यह पूछा जायेगा कि इनकी कंपनी का इपीएस (लाभांश प्रति शेयर) कहां से आया और जिस शेयर का बाजार मूल्य 10 रुपये था, उसे 100 रुपये प्रति शेयर में क्यों खरीदा गया. फिर बाद में उसे वापस 20 रुपये में क्यों बेच दिया गया. आखिर किस आधार पर पूरे ट्रांजैक्शन को अंजाम दिया गया. इससे जो मुनाफा प्राप्त हुआ, वह कहां गया. जैन बंधु ने करीब पांच हजार करोड़ रुपये को ब्लैक से व्हाइट करने चार फर्जी कंपनियों का उपयोग किया था, जिसमें मिशैल कंपनी के सबसे ज्यादा करीब डेढ़ लाख शेयर शामिल थे.इस वजह से मीसा और शैलेश पर सबसे ज्यादा इडी शिकंजा कस रही है. शेष तीन कंपनियां उनकी ही हैं.
इडी मीसा भारती से जो सबसे अहम सवाल पूछने वाली है, उसमें यह है कि नयी दिल्ली में मौजूद उनके करीब पांच एकड़ के सैनिक फार्म हाउस के अलावा घिटोरनी और विजवासन स्थित आलीशान घरों को खड़ा करने के लिए पैसे कहां से लाये गये. यह बताया जाता है कि जैन बंधु के ब्लैक मनी को व्हाइट करने के खेल में उनकी कंपनी की अहम भूमिका होने के एवज में उन्हें सैनिक फार्म हाउस मिली है. इसके अलावा दो अन्य अलीशान ठिकाने भी इसी नेक्सस से कमाये गये ब्लैक मनी की देन है.
अब मीसा भारती को पीएमएलए की कार्रवाई से बचने के लिए यह साबित करना होगा, ये सभी जायदाद उनके अपने पैसे के हैं और उन पैसों का मुख्य स्रोत क्या है. अगर वह साबित नहीं कर पायी, तो सभी संपत्ति जब्त हो जायेगी और उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी.
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