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तीन लाख का इनामी नक्सली रावण कोड़ा ने किया सरेंडर, चलती ट्रेन में कई जवानों और यात्रियों को उतारा था मौत के घाट

Updated at : 07 Jun 2025 5:37 PM (IST)
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ravan koda surrender| Naxalite Ravana Koda surrendered in Lakhisarai, he had killed many soldiers and passengers in a moving train

एसपी के सामने रावण कोड़ा ने किया सरेंडर

Bihar News: लखीसराय में नक्सल मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है. तीन लाख रुपये का इनामी और कई जघन्य वारदातों में शामिल नक्सली एरिया कमांडर रावण कोड़ा ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. लंबे समय से फरार चल रहा रावण कोड़ा बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में सक्रिय था.

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Bihar News: बिहार के लखीसराय जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता हाथ लगी है. तीन लाख रुपये का इनामी नक्सली और नक्सली संगठन का एरिया कमांडर रावण कोड़ा ने लखीसराय पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष सरेंडर कर दिया है. लंबे समय से बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में खौफ का पर्याय बन चुके रावण कोड़ा के सरेंडर को सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एसटीएफ, जिला पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम लगातार पौरीबाजार, कजरा, बन्नुबगीचा और चानन थाना क्षेत्रों के घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही थी. खुफिया इनपुट के आधार पर कई संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी. इसी दौरान रावण कोड़ा ने पुलिस के बढ़ते दबाव और ऑपरेशन की गंभीरता को देखते हुए आत्मसमर्पण कर दिया.

इन घटनाओं में रहा है मुख्य भूमिका:

  • 2013 में धनबाद-पटना इंटरसिटी ट्रेन पर हमला, जिसमें जवानों और यात्रियों की हत्या कर हथियार लूटे गए थे.
  • 2022 में महुलिया से धर्मबीर यादव के अपहरण और उनके घर पर गोलीबारी.
  • पिरीबाजार क्षेत्र से एक डीलर के पुत्र का अपहरण और पुलिस से सीधी मुठभेड़.
  • 2018 में खड़गपुर (मुंगेर) में झील निर्माण स्थल पर सात वाहनों को फूंक दिया और आठ मजदूरों को अगवा कर लिया गया.
  • 2021 में अजीमगंज मुखिया की गला रेतकर हत्या.

रावण कोड़ा पर दो दर्जन से अधिक संगीन नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है. उसके खिलाफ कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह वर्षों से फरार था.

सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मिलेगा लाभ

उग्रवादियों के लिए लागू सरेंडर व पुनर्वास नीति के तहत रावण कोड़ा को कुल 6 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसमें ₹2.5 लाख समर्पण के तुरंत बाद, ₹3 लाख घोषित इनामी राशि और ₹10,000 प्रतिमाह के हिसाब से अधिकतम 36 माह तक ₹3.6 लाख स्टाइपेंड शामिल है. लखीसराय पुलिस का मानना है कि इस आत्मसमर्पण से इलाके में सक्रिय अन्य नक्सलियों के हौसले पस्त होंगे और वे भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित होंगे.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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