174.43 करोड़ रुपये से बनेगा आरओबी, 30 लोगों को मिलेगा हटने का नोटिस
Author Vishal kumar
Updated:
विज्ञापन
NAWADA NEWS.नवादा जिले के लिए वर्षों से देखा जा रहा सपना अब हकीकत की राह पर है. शहर को जाम की भयावह समस्या से मुक्ति दिलाने वाला रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है. नवादा–जमुई मुख्य पथ पर मिर्जापुर रेलवे गुमटी के समीप प्रस्तावित आरओबी के लिए रेलवे प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है.
विज्ञापन
नवादा रेलवे ओवरब्रिज: दशकों पुराना सपना अब हकीकत बनने की राह पर, जाम की समस्या से मिलेगी राहत
फ़ोटो कैप्शन-मकानों के सर्वे कर नाम और मोबाइल नंबर लिखते पदाधिकारीप्रतिनिधि, नवादा नगरनवादा जिले के लिए वर्षों से देखा जा रहा सपना अब हकीकत की राह पर है. शहर को जाम की भयावह समस्या से मुक्ति दिलाने वाला रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है. नवादा–जमुई मुख्य पथ पर मिर्जापुर रेलवे गुमटी के समीप प्रस्तावित आरओबी के लिए रेलवे प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है. इसी क्रम में रेलवे की जमीन पर बने भवनों में रह रहे कुल 30 लोगों को चिह्नित कर नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित आरओबी की कुल लंबाई 1,090.70 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर होगी. यह ओवरब्रिज तीन नंबर बस पड़ाव के समीप से शुरू होकर शहर के अस्पताल रोड होते हुए हाट मोड़ तक जायेगा. निर्माण के लिए पूर्व में ही मापी का कार्य पूर्ण कर लिया गया था, जिसमें सड़क की चौड़ाई करीब 82.5 फीट निर्धारित की गयी है. यह परियोजना नवादा शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदलने वाली मानी जा रही है.30 भवनों पर गिरेगी गाज, लोगों में मची हलचल
नवादा रेलवे के वरीय शाखा अभियंता तारकेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में आरओबी निर्माण कंपनी बीएसआरडीसीएल के सर्वेयर एवं अन्य कर्मियों ने संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण किया. रेलवे की जमीन पर बने 30 भवनों को चिह्नित कर उन पर लाल पेंट से नंबर अंकित किये गये हैं. साथ ही, वहां रह रहे लोगों के नाम और मोबाइल नंबर भी दर्ज किये गये हैं. इस कार्रवाई के बाद संबंधित क्षेत्र के लोगों में चिंता का माहौल देखा जा रहा है.दो दिन में नोटिस और 15 दिनों का समय
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चिह्नित 30 लोगों को दो दिनों के भीतर नोटिस जारी किया जायेगा. नोटिस मिलने के बाद उन्हें 15 दिनों का समय दिया जायेगा, ताकि वे स्वयं अपने निर्माण हटा सकें. निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद रेलवे प्रशासन द्वारा भवनों को हटाने की कार्रवाई की जायेगी.174.43 करोड़ की लागत और प्रशासनिक स्वीकृति
इस महत्वाकांक्षी आरओबी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 174.43 करोड़ रुपये है. इसमें बिहार सरकार का अंश 75.38 करोड़ रुपये व रेलवे का अंश 99.05 करोड़ रुपये शामिल है. परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है, जिससे अब निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है.जाम की समस्या से मिलेगी स्थायी राहत
आरओबी के निर्माण के बाद मिर्जापुर रेलवे क्रॉसिंग के पास प्रतिदिन लगने वाले भीषण जाम से शहरवासियों को स्थायी राहत मिलेगी. व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन जैसे क्षेत्रों में इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. यह ओवरब्रिज न सिर्फ यातायात को सुगम बनायेगा, बल्कि नवादा के विकास को भी नयी रफ्तार देगा. जहां कुछ लोगों को विस्थापन की कठिनाई का सामना करना पड़ेगा, वहीं पूरा शहर विकास की नयी ऊंचाइयों को छूएगा.आपके शहर में
विज्ञापन
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन