नवादा: रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में वेतन संकट गहराया, 12 डॉक्टर और 35 स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन अटका; सिविल सर्जन से की शिकायत

Author Kr manish dev|Edited by Vikash Jha
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रजौली अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में चिकित्सक व जीएनएम | Prabhat Khabar Network

नवादा जिले के रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का जून माह का वेतन अटक गया है. वेतन न मिलने से नाराज 12 डॉक्टर और 35 कर्मियों ने सिविल सर्जन को आवेदन सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की है.

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Nawada News: नवादा जिले के रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में पदस्थापित डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. जून माह का वेतन न मिलने से नाराज अस्पताल के 12 डॉक्टरों और 35 जीएनएम, फार्मासिस्ट व अन्य कर्मियों ने एकजुट होकर सिविल सर्जन (नवादा) को आवेदन सौंपकर अपनी नाराजगी जाहिर की है और जल्द वेतन निर्गत करने की गुहार लगाई है.

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जिले में बाकी जगह मिला वेतन, रजौली में टाल-मटोल

अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि नवादा जिले के लगभग सभी प्रखंडों में जून महीने के वेतन का भुगतान हो चुका है, लेकिन रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में केवल टाल-मटोल की जा रही है. समय पर वेतन न मिलने के कारण स्वास्थ्य कर्मियों को आर्थिक, मानसिक और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

आवेदन सौंपने वाले डॉक्टरों में डॉ. श्याम नंदन प्रसाद, डॉ. सतीश चंद्र सिन्हा, डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. राघवेन्द्र गाडगी, डॉ. राजेन्द्र कुमार, डॉ. पारितोष कुमार, डॉ. सूरज कुमार, डॉ. नितिशा कुमारी, डॉ. निवेदिता नंदिनी, डॉ. खलीक गुलाम अलीशा, डॉ. मुकेश कुमार और डॉ. विनोद कुमार शामिल हैं.

35 नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ भी आए समर्थन में

चिकित्सकों के साथ-साथ अस्पताल की व्यवस्था संभालने वाले जीएनएम, फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन भी विरोध में उतर आए हैं. 35 कर्मियों ने हस्ताक्षर कर सिविल सर्जन को आवेदन दिया. इनमें जीएनएम आशा कुमारी, प्रीति कुमारी, ज्योति कुमारी, संजू शिला, नेहा कुमारी, श्रुति कुमारी, अर्चना कुमारी, नीतू कुमारी, पूनिता कुमारी, पुष्पलता, नूतन कुमारी, प्रमिला के अलावा फार्मासिस्ट अशोक कुमार और लैब टेक्नीशियन राकेश कुमार समेत अन्य कर्मी शामिल हैं.

नए प्रभार के बाद फाइलों के अटकने का आरोप

स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सौंपे गए आवेदन में वर्तमान स्थापना लिपिक की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. कर्मियों का कहना है कि पूर्व लिपिक के समय सभी कागजी प्रक्रिया और वेतन का काम समय पर पूरा हो जाता था, लेकिन नए लिपिक को प्रभार मिलने के बाद से ही फाइलें लंबित पड़ी हुई हैं. सभी डॉक्टरों व कर्मियों ने मामले में हस्तक्षेप कर वेतन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.


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