नवादा के रजौली में आंगनबाड़ी व्यवस्था चरमराई, दो माह से नहीं मिला पोषाहार, 7 माह से मानदेय लटका

Author Kr manish dev|Edited by Vikash Jha
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फोटो :- 1.कार्यालय पहुंची आंगनबाड़ी सेविकाएं | Prabhat Khabar Network

कार्यालय पहुंची आंगनबाड़ी सेविकाएं | Prabhat Khabar Network

नवादा जिले के रजौली प्रखंड में आंगनबाड़ी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. दो महीने से पोषाहार नहीं मिला है और सात महीने से सेविकाओं और सहायिकाओं का मानदेय अटका हुआ है. इससे बच्चों के भूखे लौटने और सेविकाओं के मानसिक तनाव का सामना करने की नौबत आ गई है.

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आंगनबाड़ी व्यवस्था चरमराई, दो माह से नहीं मिला पोषाहार और 7 माह से मानदेय लटका

Nawada News: नवादा जिले के रजौली प्रखंड में बाल विकास परियोजना के तहत संचालित 199 आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है. बीते दो महीनों से केंद्रों पर पोषाहार की आपूर्ति नहीं हुई है, वहीं पिछले सात महीनों से सेविका और सहायिकाओं को मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है.

पोषाहार न मिलने से विवाद

सेविकाओं का कहना है कि पोषाहार नहीं आने के कारण केंद्र पर आने वाले बच्चे भूखे लौटने को मजबूर हैं. ग्रामीण सेविका-सहायिकाओं पर सामग्री के गबन का आरोप लगाकर आए दिन हंगामा कर रहे हैं, जिससे वे मानसिक तनाव का सामना करने को विवश हैं.

एक साल से योजना राशि ठप

मानदेय रुकने के साथ ही पिछले एक साल से गोदभराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम के लिए मिलने वाली सरकारी राशि भी बकाया है. सेविकाओं ने बताया कि फंड न मिलने से केंद्र संचालन में भारी परेशानी हो रही है और जांच अधिकारी उल्टे उपस्थिति कम होने पर फटकार लगाते हैं.

मोबाइल रिचार्ज का खर्च जेब से

केंद्रों का सारा डिजिटल कार्य मोबाइल ऐप से संचालित होता है, लेकिन विभाग की ओर से तीन महीने में महज ₹500 का रिचार्ज दिया जाता है. हर माह ₹349 का रिचार्ज कराने के लिए सेविकाओं को अपनी जेब से भुगतान करना पड़ता है. इसके अलावा वर्ष 2019 में गठित 51 नए केंद्रों को अब तक मोबाइल भी मुहैया नहीं कराया गया है.

कार्यालय बंद, कर्मी भी परेशान

कार्यालय में नवपदस्थापित सीडीपीओ का कक्ष बंद पाया गया. वहीं पदस्थापित डेटा एंट्री ऑपरेटर ने बताया कि उन्हें भी बीते छह महीनों से वेतन प्राप्त नहीं हुआ है. कुपोषण दूर करने और गर्भवती महिलाओं व बच्चों के विकास के उद्देश्य से संचालित यह योजना वित्तीय संकट के कारण दम तोड़ती नजर आ रही है.


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