नवादा: गोविंदपुर में विद्यालय संविलयन के खिलाफ छात्राओं और अभिभावकों का विरोध, पैदल मार्च निकालकर फैसले पर उठाए सवाल, बेहतर सुविधाओं की मांग

Author Javed najaf|Edited by Ragini Sharma
Updated:
विज्ञापन

विरोध करती विद्यालय की छात्रा

गोविंदपुर में प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय में कक्षा 6 से 8 की छात्राओं के संविलयन के निर्णय ने छात्राओं और अभिभावकों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है. बेहतर सुविधाओं वाले मध्य विद्यालय को छोड़ने पर अभिभावक भड़क उठे हैं.

विज्ञापन

Nawada School Merger Protest : नवादा के गोविंदपुर में पीएम श्री विद्यालय घोषित प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय में कक्षा 6 से 8 की छात्राओं के संविलयन के निर्णय के खिलाफ छात्राओं और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी गई. इस फैसले के विरोध में छात्राओं और अभिभावकों ने गोविंदपुर बाजार से बीआरसी तक पैदल मार्च निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया.

आपके शहर में

विज्ञापन

प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर शिक्षा विभाग के निर्णय के खिलाफ अपना आक्रोश जताया. उनका कहना है कि मध्य विद्यालय गोविंदपुर में लगभग 950 छात्राओं का नामांकन है और यहां पर्याप्त आधारभूत संरचना उपलब्ध है.

Nawada News : मध्य विद्यालय में बेहतर सुविधाएं

छात्राओं ने बताया कि मध्य विद्यालय गोविंदपुर में 6 भवन, 25 कमरे, बड़ा प्रांगण और खेलकूद का मैदान मौजूद है. इसके विपरीत प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय में केवल एक भवन और आठ कमरे हैं. वहां न तो पर्याप्त प्रांगण है और न ही खेलकूद की सुविधा.

नवादा की सभी ख़बरें यहां पढ़ें

साथ ही, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी कमी बताई गई है, जिससे छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

निर्णय को बताया अव्यवहारिक

छात्राओं और अभिभावकों का कहना है कि बड़े परिसर और बेहतर सुविधाओं वाले मध्य विद्यालय को छोड़कर कम संसाधनों वाले विद्यालय में संविलयन करना अव्यवहारिक और असंगत है. उन्होंने शिक्षा विभाग के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि जिन विद्यालयों की आधारभूत संरचना कम है, वहां अन्य छोटे विद्यालयों का संविलयन किया जाना चाहिए.

Student Protest : शिक्षा विभाग से की मांग

प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि मध्य विद्यालय गोविंदपुर के स्थान पर किसी ऐसे नजदीकी विद्यालय का संविलयन किया जाए, जहां भूमि और आधारभूत संरचना कम हो. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

छात्राओं और अभिभावकों का यह विरोध शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करता है. अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस पर क्या कदम उठाता है.

Also Read : नवादा में ओवरलोड वाहनों से ढही 45 साल पुरानी फुलवरिया डैम की पुलिया: हजारों लोगों का संपर्क टूटा, 90 गांवों की पेयजल आपूर्ति पर संकट; सिंचाई व्यवस्था ठप


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन