NEET मामले में IGIMS कनेक्शन? बिहार में एडमिशन के नाम पर ठगी का एक और मामला आया सामने
AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर
NEET Paper Leak: बिहार में NEET परीक्षा और एडमिशन के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. नवादा में लाखों रुपये की ठगी का मामला दर्ज हुआ है. वहीं कुछ दिन पहले पुलिस ने सॉल्वर गैंग के नेटवर्क का खुलासा करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था.
NEET Paper Leak: (विपिन कुमार, नवादा) बिहार में NEET परीक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है. नवादा में मेडिकल कॉलेज में नामांकन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. वारिसलीगंज से सामने आए मामले में शहर के स्टेशन रोड निवासी एडवोकेट सुमंत कुमार गुप्ता ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है.
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आवेदन में बताया गया है कि उनके मुवक्किल, जो एसएन सिन्हा कॉलेज में फिलॉसफी विभाग के एचओडी हैं, उनसे उनके बेटे ओणकारेन स्वामी को NEET UG 2024 परीक्षा में पास कराने और मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर ठगी की गई.
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि बेगूसराय जिले के पन्हास गांव निवासी सत्यजीत सिंह के खाते में 3 अक्टूबर 2024 से 16 मई 2025 के बीच अलग-अलग किस्तों में करीब 11 लाख 13 हजार 253 रुपये ट्रांसफर किए गए.
‘नकद रुपये भी लिए गए’
एचओडी नरेंद्र कुमार का कहना है कि ऑनलाइन ट्रांसफर के अलावा आरोपियों को लाखों रुपये नकद भी दिए गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे फर्जीवाड़े में IGIMS मेडिकल कॉलेज के कुछ कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए. वारिसलीगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने कहा है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी.
बिहार में सॉल्वर गैंग का भी खुलासा
इधर NEET परीक्षा में फर्जी तरीके से पास कराने वाले सॉल्वर गैंग का भी बड़ा नेटवर्क सामने आया है. पावापुरी पुलिस ने वाहन जांच के दौरान दो लग्जरी गाड़ियों से तीन सरगनाओं को पकड़ा था. इनके मोबाइल की जांच में कई अहम सुराग मिले. इसके बाद पुलिस ने बिहार के अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी से चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार, गौरव कुमार, सुभाष कुमार और हर्षराज के रूप में हुई है.
50 से 60 लाख रुपये में होती थी डील
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने NEET पास कराने के लिए पहले ही 1.5 से 2 लाख रुपये एडवांस दिए थे. पूरी डील 50 से 60 लाख रुपये में तय होती थी. योजना थी कि असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा में सॉल्वर बैठाए जाएंगे, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के कारण पूरा प्लान फेल हो गया.
पप्पू यादव ने उठाए सवाल
NEET मामले को लेकर सांसद पप्पू यादव ने भी केंद्र और एजेंसियों पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि देश में अब तक 123 बार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, लेकिन किसी को सख्त सजा नहीं मिली. उन्होंने कहा कि पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है और कई युवा मानसिक तनाव में जी रहे हैं. सांसद ने मांग की कि पेपर लीक में शामिल लोगों पर हत्या का केस दर्ज हो और दोषियों को उम्रकैद की सजा दी जाए.
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