नालंदा: जलजमाव से महादलित टोले में हाहाकार, कई घरों में दरारें और कच्चे मकान जमींदोज

महादलित टोले में जलजमाव.
Bihar Sharif News : ग्रामीणों के अनुसार वर्षों पहले जल निकासी के लिए बनाया गया नाला अब पूरी तरह बेकार हो चुका है. नाला सतह से करीब तीन से चार फीट नीचे चला गया है.
राजगीर (नालंदा) से रामविलास की रिपोर्ट
Bihar Sharif News : अनुमंडल के चंडी मौ क्षेत्र में ऐतिहासिक शुंगकालीन पुष्करणी तालाब के किनारे बसे महादलित टोले में जलजमाव की गंभीर समस्या ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. लगातार घरों और आंगनों में पानी जमा रहने से कई मकानों की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं, जबकि कुछ कच्चे मकान ढह भी चुके हैं. स्थिति यह है कि कई परिवार अपने ही घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं.
नाली से नहीं हो रहा पानी का निकासी
इस बस्ती में मुख्य रूप से मांझी, पासवान, चौधरी और रविदास समाज के लोग रहते हैं. ग्रामीणों के अनुसार वर्षों पहले जल निकासी के लिए बनाया गया नाला अब पूरी तरह बेकार हो चुका है. नाला सतह से करीब तीन से चार फीट नीचे चला गया है, जिससे पानी का प्रवाह रुक गया है और गंदा पानी पूरे टोले में फैल रहा है.

संक्रमण फैलने का खतरा
लगातार जलभराव से इलाके में दुर्गंध फैल गई है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें हर दिन अपने घरों से बाल्टी के जरिए पानी निकालना पड़ता है, तभी किसी तरह जीवन चल पा रहा है.

कई बार शिकायत की गयी लेकिन पहल नहीं हुई
ग्रामीण प्रशांत कुमार ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर कई बार अनुमंडल और जिला प्रशासन से गुहार लगाई गई है. अधिकारियों को बैठक में भी जानकारी दी गई और लिखित आवेदन भी सौंपे गए. अपर समाहर्ता द्वारा स्थल निरीक्षण भी किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी है.
ग्रामीण गोरे मांझी, रामजी मांझी, इंद्रदेव पासवान, प्रकाश चौधरी, दीपक पासवान समेत अन्य लोगों ने बताया कि लगातार पानी घुसने से मकान कमजोर हो गए हैं और उनमें बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं. कई मकानों के ढहने का खतरा बना हुआ है.
नल जल योजना का भी पानी दिनभर बहता है
ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को भी जलजमाव का एक कारण बताया है. उनका कहना है कि पीएचईडी की नल-जल योजना के तहत लगाए गए स्टैंडपोस्ट और कनेक्शन पर टोटियां नहीं लगी हैं, जिसके कारण दिन-रात पानी बहता रहता है और समस्या और गंभीर हो जाती है.
समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने मांग की है कि नल-जल योजना में तत्काल सुधार किया जाए और जल निकासी के लिए नया नाला बनाकर पानी को नहर तक निकाला जाए. उनका कहना है कि यदि स्थायी समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और भयावह हो जाएगी. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
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