दूसरे दिन भी नहीं जांचीं कॉपियां

Updated at : 18 Mar 2017 8:14 AM (IST)
विज्ञापन
दूसरे दिन भी नहीं जांचीं कॉपियां

विरोध. जिले के शिक्षकों ने मूल्यांकन का किया बहिष्कार शिक्षकों के बहिष्कार से इंटर के मूल्यांकन कार्य पर लगा ग्रहण बिहारशरीफ : जिले के नियोजित शिक्षकों व वित्तसंपोषित शिक्षकों के आंदोलन से इंटर की उतर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य पर ग्रहण लग गया है. जिले के शिक्षकों द्वारा शुक्रवार को भी इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं […]

विज्ञापन
विरोध. जिले के शिक्षकों ने मूल्यांकन का किया बहिष्कार
शिक्षकों के बहिष्कार से इंटर के मूल्यांकन कार्य पर लगा ग्रहण
बिहारशरीफ : जिले के नियोजित शिक्षकों व वित्तसंपोषित शिक्षकों के आंदोलन से इंटर की उतर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य पर ग्रहण लग गया है. जिले के शिक्षकों द्वारा शुक्रवार को भी इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया गया. स्थानीय सरदार पटेल मेमोरियल कॉलेज, नालंदा कॉलेज तथा सोगरा प्लस टू हाइस्कूल मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षक समय पर उपस्थित अवश्य हुए.
लेकिन कुछ ही देर बाद नियोजित शिक्षक तथा वित्त संपोषित शिक्षक प्रवेशद्वार पर आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे.
सभी मूल्यांकन केंद्रों पर केंद्राधीक्षकों द्वारा शिक्षकों को समझा बुझा कर मूल्यांकन कार्य शुरू करने का प्रयास भी विफल रहा. स्थानीय सोगरा हाइस्कूल स्थित मूल्यांकन केंद्र पर वित्त संपोषित संयुक्त संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष विजय कुमार पांडेय ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वित्त संतोषित शिक्षकों तथा नियोजित शिक्षकों के कंधों पर ही सूबे की शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी है. सरकार की दोरंगी नीति के कारण नियोजित शिक्षक तथा वित्त संपोषित शिक्षकों का भविष्य अधर में लटका है.
जब सभी प्रकार के शिक्षक एक ही प्रकार के कार्य करते हैं तो उन्हें एक समान वेतन भुगतान तथा सुविधाएं मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार जब तक समानकार्य के लिए समान वेतन तथा अनुदान की जगह वेतन भुगतान की मांगों को नहीं मानती है, तब तक शिक्षक मूल्यांकन कार्य से दूर रहेंगे. इस नालंदा कॉलेज स्थित मूल्यांकन केंद्र पर भी शिक्षकों ने मूल्यांकन के लिए उत्तरपुस्तिकाएं लेने से इनकार कर दिया.उन्होंने कॉलेज के प्रवेशद्वार पर ही सरकार के विरूद्ध घंटों नारेबाजी करते रहे. इस मौके पर नियोजित शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष संतीत कुमार शर्मा ने कहा कि सरकार की भेदभावपूर्ण नीति के कारण सूबे की शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो रही है. सरकार शिक्षकों को कई वर्गों में बांटकर उनका हर प्रकार से शोषण कर रही है. चाहे समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग हो अथवा सेवा शर्त, समय पर वेतन भुगतान आदि की मांग को किसी न किसी बहाने टाला जा रहा है.
वित्त संतोषित शिक्षकों को भी अनुदान के भरोसे उलझाया गया है. अब सभी कोटि के शिक्षकों को सरकार की चाल समझ में आ गई है. इस लिए सभी शिक्षक एकजुट होकर आंदोलन को धारदार बनायेंगे. इस मौके पर सोगरा हाईस्कूल में प्रो. परमानंद प्रसाद सिंह, गोपाल प्रसाद, प्रो. अनुज भारती, अम्बिका शरण सिंह, प्रो. अरबिंद कुमार, डा. सुरेन्द्र प्रसाद यादव, अनिल कुमार, राजेन्द्र प्रसाद, स्नेहलता कुमारी, लवकुश प्रसाद, प्रो. विजय कुमार यादव, संत कुमार, विद्या बिहार सिन्हा, ईश्वर नारायण सिंह, डा. केबी सिंह सहित अन्य शिक्षक मौजूद थे. नालंदा कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पर डा. अंजनी पांडेय, प्रो. अनिल सिंह सहित दर्जनों शिक्षक मौजूद थे.
क्या कहते हैं अधिकारी
मूल्यांकन कार्य के लिए आये शिक्षकों को कॉपियां दी जा रही थी, लेकिन कुछ शिक्षक मूल्यांकन कार्य को अवरूद्ध कर दिया
डाॅ देवकी नंदन सिंह, प्राचार्य, नालंदा कॉलेज बिहारशरीफशिक्षकों के आंदोलन के कारण मूल्यांकन कार्य बाधित हुआ है. शिक्षक मूल्यांकन कार्य में भाग लेकर अपनी जिम्मेवारी निभायें.
संगीता कुमारी, डीइओ, नालंदा
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन