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मुजफ्फरपुर के लोगों को अब नहीं काटना होगा थाने का चक्कर, सीधे व्हाट्सएप नंबर पर दर्ज करा सकते हैं शिकायत

Updated at : 07 Dec 2022 12:57 AM (IST)
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मुजफ्फरपुर के लोगों को अब नहीं काटना होगा थाने का चक्कर, सीधे व्हाट्सएप नंबर पर दर्ज करा सकते हैं शिकायत

फरियादी आवेदन में घटना के संबंध में पूरी जानकारी लिखकर भेजेंगे. आइजी कार्यालय से यह आवेदन संबंधित थानाध्यक्ष को उनके मोबाइल पर भेज दिया जाएगा. थानाध्यक्ष नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करके वापस आइजी कार्यालय के मोबाइल नंबर पर भेज देंगे, जहां से फिर कार्रवाई की रिपोर्ट आवेदक को भेजी जाएगी.

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मुजफ्फरपुर. तिरहुत रेंज के चारों जिलों मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर व वैशाली के लोगों को किसी वस्तु के गुम होने व वाहन चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए बार-बार थाने का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. पीड़ित व्यक्ति अब सीधे आइजी कार्यालय से जारी व्हाट्सएप नंबर 7070201201 पर आवेदन भेजकर अपनी शिकायत संबंधित थाने में दर्ज करवा सकते हैं. आइजी पंकज सिन्हा के निर्देश पर मंगलवार से यह सुविधा शुरू हो गयी है.

ये है प्रक्रिया 

फरियादी आवेदन में अपना पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर, घटना के संबंध में पूरी जानकारी लिखकर भेजें. आइजी कार्यालय से यह आवेदन संबंधित थानाध्यक्ष को उनके मोबाइल पर भेज दिया जाएगा. थानाध्यक्ष नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करके वापस आइजी कार्यालय के मोबाइल नंबर पर भेज देंगे, जहां से फिर कार्रवाई की रिपोर्ट आवेदक को भेजी जाएगी. अगर किसी आवेदक को थाने के प्रतिवेदन, सनहा की मूल प्रति चाहिए तो वे किसी भी कार्य दिवस पर थाना से प्राप्त कर सकते हैं. सनहा की कॉपी वापस देने में कोई भी पुलिस पदाधिकारी आनाकानी करता है या किसी तरह के रुपये का डिमांड करता है तो दोषी पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.

वाहन चोरी के आवेदन प्राप्त होने पर थानेदार एक प्रतिवेदन आइजी कार्यालय को भेजें. जो आवेदक को भेजा जाएगा. इसके बाद थानेदार एवं जांच पदाधिकारी की जिम्मेवारी होगी कि वे आवेदक से संपर्क कर उनके आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें एफआइआर की एक कॉपी भेज देंगे. अगर किसी कारण से प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाती है तो इसकी भी सूचना व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से आवेदन व आइजी कार्यालय को भेज देंगे. अगर इस प्रक्रिया में विलंब होगा तो माना जाएगा कि गलत मंशा से विलंब किया जा रहा है. वाहन चोरी की प्राथमिकी दर्ज करने से पूर्व कागजात इत्यादि की मांग करना गलत है. जांच अधिकारी ये सारे कार्य एफआइआर के बाद भी कर सकते हैं.

अगर थानेदार किसी कार्य को लेकर बाहर जाते हैं तो उनके थाने में मौजूद दूसरे वरीय पदाधिकारी को यह जिम्मेवारी देना होगा कि जो भी सनहा या प्राथमिकी के लिए आवेदन आ रहा है, उसको बिना किसी देरी के थाने में दर्ज करवाना होगा. जो आवेदक सीधा थाने में किसी भी आवेदन को लेकर आते हैं, तो उन्हें अविलंब इसकी प्राप्ति रसीद पुलिस पदाधिकारी द्वारा दी जाएगी.

पहले भी जारी हुआ है व्हाट्सएप नंबर

जानकारी हो कि दो साल पहले तत्कालीन आइजी गणेश कुमार ने बाइक चोरी व किसी भी वस्तु के गुम होने पर फरियादियों को थाने में सनहा व प्राथमिकी दर्ज कराने के दौरान परेशान किये जाने व पैसा का डिमांड करने को लेकर लगातार मिल रही शिकायत के बाद व्हाट्सएप नंबर 7070201201 जारी किया था. लेकिन, पिछले कुछ समय से यह नंबर बंद था. इसको आइजी पंकज सिन्हा के आदेश पर फिर से मंगलवार से शुरू किया गया है.

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