वाह डॉक्टर साहब! महिला मरीज को लिख दी पुरुष प्राइवेट पार्ट की जांच, हो गया हंगामा

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SKMCH की फाइल फोटो

Muzaffarpur News: जिले के एसकेएमसीएच में डॉक्टर की लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहां एक महिला मरीज के पर्ची पर पुरुष प्राइवेट पार्ट की जांच लिख दी गई. मामला सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ. पढे़ं पूरी खबर…

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Muzaffarpur News: मुजफ्फपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला डॉक्टर ने हाइड्रोसील में हर्निया की जांच कराने को लिख दिया. यह मामला जिले के एसकेएमसीएच से सामने आया है. एसकेएमसीएच के सर्जरी विभाग के डॉक्टर ने मरीज के अल्ट्रासाउंड पर्ची पर इनगुइनल की जगह इंगुइनो लिख दिया, जिसके कारण अल्ट्रासाउंड डिपार्टमेंट के कर्मचारियों ने मरीज को बिना जांच किए ही लौटा दिया. कर्मचारियों ने कारण यह दिया कि पर्ची पर लिखी गई जांच महिलाओं में नहीं होती है.

पर्ची पर हाइड्रोसील में हर्निया की जांच

इस तरह की लापरवाही को देखते हुए मरीज के परिजन आक्रोशित हो गये और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया. स्थिति को काबू में करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को सामने आना पड़ा. बाद में, मरीज को संबंधित यूनिट के डॉक्टर से मिलने के लिए कहा गया. अल्ट्रासाउंड कर्मचारी ने बताया कि जांच पर्ची के अनुसार, महिला को हाइड्रोसील में हर्निया की जांच करानी थी. लेकिन, महिलाओं में हाइड्रोसिल नहीं होता है, इसलिए उनकी जांच नहीं की जा सकती थी. पीड़ित महिला, नगीना देवी, शिवहर जिले के तरियानी थाना क्षेत्र के औरा गांव की रहने वाली हैं. 

स्पेलिंग मिस्टेक की वजह से हुई गड़बड़ी

पीड़ित महिला ने बताया कि उनके जांघ में घाव हो गया था और वे लंबे समय से इलाज करा रही थीं. सोमवार को महिला एसकेएमसीएच के सर्जरी ओपीडी में इलाज के लिए गईं, जहां डॉक्टर ने उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी. उन्हें मंगलवार को जांच के लिए बुलाया गया. लेकिन, जब वे अल्ट्रासाउंड रूम में पहुंचीं, तो कर्मचारियों ने उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि उनकी पर्ची पर गलत जांच लिखी गयी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नगीना देवी का इलाज डॉ. विजय भारद्वाज की यूनिट में हुआ था. अल्ट्रासाउंड की सलाह भी उसी यूनिट के डॉक्टर ने दी थी. डॉक्टर ने बताया कि जूनियर डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड पर्ची पर स्पेलिंग में गलती कर दी थी, जिसके कारण पढ़ने में परेशानी हुई. मंगलवार को डॉ. संतसेवी ने पर्ची को सुधार दिया. डॉक्टर ने यह भी बताया कि जिस अंग में महिला को लंबे समय से समस्या थी, उसी का अल्ट्रासाउंड लिखा गया था. यह कमर के निचले हिस्से में हर्निया की जांच थी. इंगुइनो की जगह इनगुइनल जांच लिखे जाने के कारण यह भ्रम पैदा हुआ.

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अनिकेत कुमार

लेखक के बारे में

By अनिकेत कुमार

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

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