छात्र आंदोलन के बीच मुजफ्फरपुर में इंटरनेट बंद, नहीं चलेंगे Instagram, WhatsApp और Facebook

प्रतीकात्मक तस्वीर
बिहार के मुजफ्फरपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है. 26 जुलाई तक जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है. इसके साथ ही फेसबुक, एक्स, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग भी प्रतिबंधित रहेगा.
Internet Ban Muzaffarpur: बिहार में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार ने मुजफ्फरपुर में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है. बिहार गृह विभाग (विशेष शाखा) ने मुजफ्फरपुर में 24 जुलाई दोपहर 12:30 बजे से 26 जुलाई सुबह 10 बजे तक सोशल मीडिया और कुछ इंटरनेट संचार सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया है.
आदेश में कहा गया है कि यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित अफवाहों को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है. यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है ताकि किसी भी तरह की अफवाह और भ्रामक सूचना के प्रसार को रोका जा सके.

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम
सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिले में शांति, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है.
प्रशासन का मानना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें तेजी से फैल सकती हैं, जिससे तनावपूर्ण स्थिति पैदा होने की आशंका रहती है. इसी को देखते हुए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई है.
इन प्लेटफॉर्म पर रहेगी रोक
गृह विभाग के आदेश के अनुसार प्रतिबंध की अवधि में कई सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर संदेशों के आदान-प्रदान पर रोक रहेगी. इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं-
- X (Twitter)
- Telegram
- Snapchat
- Skype
- Viber
- Line
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
26 जुलाई तक लागू रहेगा आदेश
जारी आदेश के अनुसार, 26 जुलाई तक जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती है और इसका उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकते हुए जिले में शांति और सामान्य व्यवस्था बनाए रखना है.
किन सेवाओं पर नहीं होगा असर?
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध सरकारी इंटरनेट और इंट्रानेट आधारित सेवाओं पर लागू नहीं होगा. इनमें BSWAN (Bihar State Wide Area Network), NICNET, NKN (National Knowledge Network) सहित अन्य सरकारी नेटवर्क शामिल हैं.
प्रशासन ने क्या कहा?
गृह विभाग के अनुसार यह कदम पूरी तरह एहतियात के तौर पर उठाया गया है. इसका उद्देश्य अफवाहों के प्रसार पर रोक लगाना, सार्वजनिक शांति बनाए रखना और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
आदेश पर बिहार सरकार के गृह विभाग के सचिव द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं और इसे जिले के संबंधित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया गया है.
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