शर्मनाक... स्ट्रेचर नहीं मिला तो बीमार पत्नी को पीठ पर लाद लिया पति, व्यवस्था पर उठे सवाल
बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में स्ट्रेचर न मिलने से एक लाचार पति को अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी को पीठ पर लादकर डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा। इस घटना ने अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Muzaffarpur News: उत्तर बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है. अस्पताल में स्ट्रेचर और आपातकालीन सुविधाओं के दावों के बीच एक लाचार पति अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी को पीठ पर लादकर डॉक्टर के पास पहुंचने को मजबूर हो गया. घटना ने अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
View on Instagram
स्ट्रेचर के लिए लगाई गुहार, लेकिन नहीं मिली मदद
मीनापुर प्रखंड निवासी शकल साह अपनी पत्नी पार्वती देवी का इलाज कराने एसकेएमसीएच पहुंचे थे. उनकी पत्नी की तबीयत काफी खराब थी. आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने कई बार ट्रॉलीमैन और स्वास्थ्यकर्मियों से स्ट्रेचर उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन काफी देर तक उन्हें कोई सहायता नहीं मिली. इस दौरान महिला दर्द से कराहती रही और उसकी हालत बिगड़ती चली गई.
मजबूरी में पीठ पर लादकर पहुंचे डॉक्टर के चेंबर
जब काफी देर तक कोई मदद नहीं मिली तो शकल साह ने अपनी पत्नी को पीठ पर उठाया और डॉक्टर के चेंबर तक लेकर पहुंचे. अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने यह दृश्य देखा तो कई लोग हैरान रह गए. शकल साह ने बताया कि पत्नी की हालत लगातार गंभीर हो रही थी. उन्होंने कई बार स्ट्रेचर की मांग की, लेकिन किसी ने मदद नहीं की. आखिरकार पत्नी की जान बचाने के लिए उन्हें मजबूरी में पीठ पर उठाकर डॉक्टर तक ले जाना पड़ा.
पार्वती देवी ने बताया कि पिछले चार दिनों से गांव के एक स्थानीय चिकित्सक से उनका इलाज चल रहा था. तबीयत में सुधार नहीं होने और हालत बिगड़ने पर बेहतर इलाज की उम्मीद से उन्हें एसकेएमसीएच लाया गया था.
अधीक्षक बोले- शिकायत मिलने पर होगी जांच
एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद ने कहा कि स्ट्रेचर नहीं मिलने की कोई औपचारिक शिकायत उन्हें प्राप्त नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक ट्रॉलीमैन स्ट्रेचर के साथ तैनात रहते हैं. यदि किसी मरीज को स्ट्रेचर नहीं मिला है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और यह भी पता लगाया जाएगा कि किन परिस्थितियों में मरीज को अपनी पत्नी को पीठ पर उठाकर ले जाना पड़ा.
उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल
एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर ही नहीं, बल्कि सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर समेत उत्तर बिहार के कई जिलों के मरीजों का प्रमुख सरकारी अस्पताल है. यहां प्रतिदिन हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में स्ट्रेचर जैसी बुनियादी सुविधा समय पर उपलब्ध नहीं होने का आरोप स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. अब सभी की नजर अस्पताल प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है.
यह भी पढे़ं: बोरे में बंद कर बच्ची को फेंक गये घरवाले, गोद लेने को लगी होड़, नवजात की मौत
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By कुमार दीपू
स्वास्थ्य, राजनीति, समाज और समसामयिक विषयों पर दीपू रिपोर्टिंग करते हैं. इन्हें पत्रकारिता में 16 साल का अनुभव है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










