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Muzaffarpur: आर्मी की तैयारी करने वाले युवकों को कहां से मिली ग्लॉक पिस्टल? IPS व ATS करते हैं इस्तेमाल

मुजफ्फरपुर में हथियार तस्करों के पास से बरामद प्रतिबंधित ग्लॉक पिस्टल की अब जांच की जा रही है. ये पिस्टल आइपीएस अधिकारी व आतंकी निरोधक दस्ता के पास उपलब्ध कराया जाता है. तस्करों के पास ये कहां से आया इसकी जांच की जा रही है.

By Prabhat Khabar Print Desk
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ग्लॉक पिस्टल
ग्लॉक पिस्टल
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मुजफ्फरपुर में हथियार तस्करों के पास से बरामद प्रतिबंधित ग्लॉक पिस्टल की पुलिस नक्सली कनेक्शन के बिंदु पर भी जांच कर रही है. एसएसपी जयंतकांत ने बताया कि बरामद ग्लॉक पिस्टल का पहले से इस्तेमाल हो चुका है. यह कही से चोरी या फिर लूटा गया है. हालांकि, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कुंदन और गोलू गया जिले में रहकर सेना की तैयारी कर रहा था.

नक्सलियों से साठगांठ की संभावना

संभावना है कि दोनों की साठगांठ नक्सलियों से हो गयी हो. नक्सलियों के द्वारा तो यह पिस्टल नहीं दिया गया, इस बिंदु पर भी गंभीरतापूर्वक जांच की जा रही है.एसएसपी ने बताया कि मनीष सूद-ब्याज का कारोबार कर रहा है. वह मजबूर लोगों को पैसा देता है. समय पर पैसा नहीं देनेवाले के घर से सारा सामान उठाकर ले आता है. छापेमारी के दौरान उसके घर में कई टीवी, फ्रिज व अन्य सामान मिला है. पुलिस का कहना है कि मनीष वह सूद के कारोबार में वर्चस्व जमाने के लिए पिस्टल खरीदी है.

9 एमएम के एक कारतूस की 900 रुपये में हुई थी डील

पुलिस ने जो 33 कारतूस बरामद किये थे इसमें 9 एमएम की कारतूस की प्रति एक पीस 900 रुपये, .765 की प्रति कारतूस 700 रुपये और .315 बोर की प्रति कारतूस कीमत 400 रुपये तय की गयी थी. सभी कारतूस कुंदन लेकर आया था.

समस्तीपुर जेल में मंगलम की सुजीत राय से हुई थी मुलाकात

मंगलम कुमार उर्फ गोलू 12 वीं पास है. वह सबसे पहले 2017 में वैशाली जिले के बलिगांव थाना से लूट के केस में गिरफ्तार होकर जेल गया था. उसने अपने स्वीकारोक्ति बयान में बताया है कि उस वक्त हाजीपुर जेल में बंद था. लेकिन, समस्तीपुर जिले के केस में रिमांड होने पर वह समस्तीपुर जेल चला गया. वहां उसकी दोस्ती शातिर अपराधी सुजीत कुमार राय से हुई. जेल से निकलने के बाद उसके गैंग में शामिल हो गया. उसके गिरोह में ड्राइवरी का काम करता था. कुछ दिनों बाद सुजीत सोना लूट कांड में वह गिरफ्तार होकर बेउर जेल चला गया.

मजदूर को गोली चलाने में गिरफ्तार हुआ था आभूषण कारोबारी :

नरेंद्र कुमार उर्फ मनीष ने दो जून 2019 को घर में काम कर रहे मजदूर मो. बेलाल आलम पर गोलीबारी कर दी थी. इसमें पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन थाना के गंगौलिया निवासी मजदूर मो. बेलाल आलम के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इस मामले में नगर थाने की पुलिस ने उसको जेल भेजा था.

नगर डीएसपी ने कारोबारी के घर की महिलाओं से की पूछताछ:

नगर डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम देर शाम आभूषण कारोबारी के घर पर पहुंची उसके परिवार के महिलाओं से पूछताछ किया. सूद ब्याज को लेकर जबरदस्ती दूसरे के घर से उठाकर लाये गये समानों टीवी, फ्रिज आदी को बरामद कर इस मामले में भी पुलिस अलग से प्राथमिकी दर्ज करेगी.

यह है ग्लॉक पिस्टल की खासियत

  • यह पॉलिमर का बना होता है

  • यह उच्च श्रेणी की 9 एमएम पिस्टल है.

  • इसके मैगजीन में एक साथ 17 गोलियां आती हैं.

  • यह सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल है.

  • इसमें 9 एमएम की कोई भी गोली लग सकती है

  • लेजर, स्कोप, फ्लैशलाइट से लैस होती है यह पिस्टल

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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