स्मैक समझकर जब्त किया दर्द निवारक पाउडर, कोर्ट ने आरोपियों को किया बरी

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स्मैक पाउडर

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मुजफ्फरपुर के बेनिबाद थाना क्षेत्र से आठ माह पहले बरामद की गई स्मैक की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. फोरेंसिक रिपोर्ट में जब्त पदार्थ दर्द निवारक दवाएं निकलीं. इसके आधार पर कोर्ट ने तीनों आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया.

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Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के बेनिबाद थाना क्षेत्र से आठ माह पहले कथित तौर पर बरामद की गई स्मैक की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट में जब्त पदार्थ स्मैक नहीं, बल्कि डिक्लोफेनाक और निमेसुलाइड जैसी दर्द निवारक दवाएं पाई गईं. रिपोर्ट के आधार पर विशेष एनडीपीएस कोर्ट संख्या-दो के प्रभारी न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने तीनों आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया.

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अक्टूबर 2025 में हुई थी गिरफ्तारी

पुलिस ने 27 अक्टूबर 2025 को बेनिबाद थाना क्षेत्र के पिरौछा गांव में मादक पदार्थ की बिक्री की सूचना पर छापेमारी की थी. इस दौरान 30 पुड़िया बरामद होने का दावा करते हुए कुल 30.510 ग्राम स्मैक जब्त करने की बात कही गई थी. मामले में प्रेमसागर कुमार उर्फ छोटा बेला, राजेश कुमार और सुभांश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.

एफएसएल रिपोर्ट से बदला पूरा मामला

जांच के लिए भेजे गए जब्त पदार्थ की फोरेंसिक रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि उसमें कोई मादक पदार्थ नहीं था. रिपोर्ट के अनुसार जब्त सामग्री डिक्लोफेनाक और निमेसुलाइड जैसी दर्द निवारक दवाएं थीं. इसके बाद एनडीपीएस कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया.

कोर्ट ने तीनों को दी राहत

विशेष कोर्ट ने माना कि जब्त पदार्थ मादक पदार्थ नहीं होने के कारण एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला नहीं बनता है. इसके बाद तीनों आरोपियों को राहत देते हुए उन्हें आरोपमुक्त कर दिया गया.

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