7 प्रखंड संवेदनशील, पर रेस्क्यू के लिए सिर्फ 1 महाजाल और 1 लाइट: बाढ़ से निपटने की तैयारी पर उठे सवाल

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7 प्रखंड संवेदनशील, पर रेस्क्यू के लिए सिर्फ 1 महाजाल और 1 लाइट: बाढ़ से निपटने की तैयारी पर उठे सवाल

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जिले के 7 प्रखंडों में बाढ़ की गंभीर आशंका है, लेकिन आपदा प्रबंधन विभाग के पास संसाधनों की भारी कमी है. सिर्फ 1 महाजाल और 1 इन्फ्लैटेबल लाइट जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का अभाव बड़े संकट का कारण बन सकता है.

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 Flood Relief Preparation: जिले में संभावित बाढ़ और जलजमाव की आशंका के बीच आपदा प्रबंधन विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़ा हो गया है. जिले के 7 प्रखंड बाढ़ के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं, लेकिन आपदा प्रबंधन विभाग के पास संसाधनों की भारी कमी है. स्थिति यह है कि बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन और नाव हादसे के लिए पूरे जिले में मात्र 1 महाजाल (बड़ा रेस्क्यू नेट) और रात के समय रोशनी के लिए केवल 1 इन्फ्लैटेबल लाइट उपलब्ध है.

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संसाधनों की कमी से खड़ा हो सकता है बड़ा संकट

  • महाजाल और लाइट की किल्लत: बाढ़ या नाव दुर्घटना में डूबते लोगों व सामान की सुरक्षा के लिए महाजाल और रात में राहत कार्य के लिए आपातकालीन लाइट बेहद जरूरी होती है.
  • बैकअप का अभाव: यदि दो जगहों पर एक साथ कोई हादसा होता है, तो संसाधनों के अभाव में दूसरी जगह राहत कार्य के लिए इंतजार करना पड़ेगा, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है.

SDRF की टीम और आपदा मित्र अलर्ट पर

आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 1 टीम में 22 विशेषज्ञ सदस्यों को तैनात किया गया है. इसके साथ ही जमीनी स्तर पर राहत कार्य के लिए 497 प्रशिक्षित 'आपदा मित्रों' और 159 स्थानीय गोताखोरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. रेस्क्यू टीमों के लिए 65 लाइफ जैकेट भी उपलब्ध कराए गए हैं.

संचार व्यवस्था के लिए सैटेलाइट फोन और जीपीएस

नेटवर्क ठप होने की स्थिति में कंट्रोल रूम से निर्बाध संपर्क बनाए रखने के लिए आपदा प्रबंधन टीम को 2 सैटेलाइट फोन और 2 जीपीएस डिवाइस मुहैया कराए गए हैं.

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