राजखंड उर्दू प्राथमिक विद्यालय में जर्जर भवन बना खतरा, 98 मासूम खौफ के साये में पढ़ने को मजबूर

Updated:
विज्ञापन

जर्जर भवन | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

औराई के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में जर्जर छत के नीचे 98 बच्चे डर के साये में पढ़ने को मजबूर हैं। प्रशासन की अनदेखी से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा।

विज्ञापन

 Rajkhand Urdu Primary: औराई प्रखंड की राजखंड उत्तरी पंचायत स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय उर्दू में नामांकित 98 मासूम बच्चे हर दिन खौफ और संगीनों के साये में पढ़ने को मजबूर हैं. विद्यालय भवन की अत्यंत जर्जर हालत के कारण बच्चों के सिर पर हादसों का खतरा लगातार मंडराता रहता है. छत का प्लास्टर टूट-टूट कर गिरता है, जिससे छात्र और अभिभावक किसी अनहोनी को लेकर हमेशा भयभीत रहते हैं.

विज्ञापन

महज दो कमरों में सिमटी पांच कक्षाओं की पढ़ाई

पांचवीं कक्षा तक संचालित इस प्राथमिक विद्यालय में कुल चार कमरे हैं. इनमें से दो कमरों की स्थिति इतनी खस्ताहाल और जर्जर हो चुकी है कि वहां बैठना जान जोखिम में डालने जैसा है. विद्यालय के प्रधान शिक्षक मदन साह ने बताया कि छत का मलबा और प्लास्टर गिरने से पूर्व में कई बच्चे जख्मी भी हो चुके हैं. हादसों से बचने के लिए अब सिर्फ दो कमरों में ही पांचों कक्षाओं की पढ़ाई किसी तरह कराई जा रही है.

विद्यालय की स्थिति और मुख्य समस्याएं:

नामांकित छात्र: विद्यालय में कुल 98 बच्चे नामांकित हैं, जो डर के माहौल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं.

  • जर्जर भवन: चार में से दो कमरे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, जिनकी छत से लगातार प्लास्टर झड़ता रहता है.
  • हादसे की आशंका: पूर्व में छत का अवशेष गिरने से कई बच्चे चोटिल हो चुके हैं.
  • प्रशासनिक उपेक्षा: विभागीय अधिकारियों को बार-बार सूचना देने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया है.

प्रशासनिक उपेक्षा से ग्रामीणों में आक्रोश, धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

स्थानीय समाजसेवी जेयाउल इस्लाम ने कहा कि विद्यालय भवन की इस खतरनाक स्थिति से संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई सुध नहीं ली गई है. अधिकारियों की इस अनदेखी से स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नए भवन का निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे उग्र धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे.

ये भी पढ़ें: कांटी में नूतन साहित्यकार परिषद ने मनाई प्रेमचंद जयंती, हिंदी साहित्य में उनके योगदान को सराहा


आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन