कांटी में नूतन साहित्यकार परिषद ने मनाई प्रेमचंद जयंती, हिंदी साहित्य में उनके योगदान को सराहा

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munshi premchand | Prabhat Khabar Network

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कांटी में मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई गई। चंद्रभूषण सिंह चंद्र ने प्रेमचंद को शोषितों की आवाज और हिंदी कथा साहित्य का युगपुरुष बताया।

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Premchand Sahitya Goasthi: कांटी नगर परिषद स्थित साहित्य भवन में नूतन साहित्यकार परिषद द्वारा कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई. कार्यक्रम का शुभारंभ परिषद के अध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह चंद्र और अन्य साहित्य प्रेमियों ने मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण कर किया.

मुंशी प्रेमचंद का साहित्य शाश्वत और कालजयी: चंद्रभूषण सिंह

समारोह को संबोधित करते हुए परिषद के अध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह चंद्र ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद का साहित्य शाश्वत है. वे शताब्दियों से दबे, कुचले, शोषित और अपमानित किसानों व वंचितों की बुलंद आवाज थे. उन्होंने हिंदी कथा साहित्य को एक नई दिशा दी और इसे आम जनता की वास्तविक समस्याओं तथा यथार्थ से सीधा जोड़ा.

प्रेमचंद के साहित्य और पात्रों की प्रमुख विशेषताएं:

  • भारतीय समाज का आईना: प्रेमचंद ने सामाजिक विषमताओं को उजागर कर लोगों को झकझोरा और हिंदी साहित्य को आम जनमानस से जोड़ा.
  • अमर और जीवंत पात्र: 'गोदान' के होरी-धनिया, 'ईदगाह' का हामिद और 'रंगभूमि' का सूरदास जैसे पात्र आज भी हमारे समाज के बीच जीवित नजर आते हैं.
  • कड़वे यथार्थ का चित्रण: 'कफन' में सामाजिक व्यवस्था की लाचारी, 'पूस की रात' में किसान हल्कू की बेबसी और 'गोदान' में शोषण के जाल में फंसे होरी की त्रासदी भारतीय समाज के कड़वे सच को दर्शाती है.
  • मानवता का संदेश: प्रेमचंद ने अपने संपूर्ण साहित्य के माध्यम से सदैव मानवता, सद्भाव और सामाजिक न्याय का संदेश दिया.

हिंदी के उत्थान में अतुलनीय योगदान

चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि हिंदी के उत्थान और इसे लोकप्रिय बनाने में प्रेमचंद की भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने हिंदी कथा साहित्य को महलों से निकालकर झोपड़ियों और खेतों तक पहुंचाया.

समारोह में उपस्थित प्रमुख गणमान्य लोग

इस अवसर पर नूतन साहित्यकार परिषद के अध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह चंद्र के अलावा सेवानिवृत्त डीडीओ परशुराम सिंह, शिक्षक स्वराजलाल ठाकुर, रामेश्वर महतो, सूबेदार नंदकिशोर ठाकुर, सीओ रामेश्वर सिंह और महेश कुमार समेत कई साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे.

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मनोज कुमार मिश्र

लेखक के बारे में

By मनोज कुमार मिश्र

मनोज कुमार मिश्र को पत्रकारिता के क्षेत्र में 14 वर्षों का समृद्ध अनुभव है. क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है. वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है.

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