ePaper

बिहार के नवरुणा कांड में CBI के फाइनल रिपोर्ट से शिकायत पक्ष नाराज, विरोध करेंगी वकील

Updated at : 25 Nov 2020 8:08 AM (IST)
विज्ञापन
बिहार के नवरुणा कांड में CBI के फाइनल रिपोर्ट से शिकायत पक्ष नाराज, विरोध करेंगी वकील

मुजफ्फरपुर की चर्चित नवरुणा कांड में सीबीआइ के द्वारा विशेष कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने की जानकारी होने के बाद मंगलवार को अधिवक्ता रंजना सिंह विशेष कोर्ट पहुंची. उन्होंने करीब एक घंटे तक सभी बिंदुओं पर बारीकी से जानकारी ली. फिर, वापस लौट गयी. अधिवक्ता रंजना सिंह ने बताया कि विशेष कोर्ट से जानकारी मिली है कि फाइनल रिपोर्ट पर अभी किसी तरह की कार्यवाही नहीं हो सकी है.

विज्ञापन

मुजफ्फरपुर की चर्चित नवरुणा कांड में सीबीआइ के द्वारा विशेष कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने की जानकारी होने के बाद मंगलवार को अधिवक्ता रंजना सिंह विशेष कोर्ट पहुंची. उन्होंने करीब एक घंटे तक सभी बिंदुओं पर बारीकी से जानकारी ली. फिर, वापस लौट गयी. अधिवक्ता रंजना सिंह ने बताया कि विशेष कोर्ट से जानकारी मिली है कि फाइनल रिपोर्ट पर अभी किसी तरह की कार्यवाही नहीं हो सकी है.

सीबीआई के फाइनल रिपोर्ट का होगा विरोध

उन्होंने कहा कि हमलोग हरहाल में सीबीआई के फाइनल रिपोर्ट का विरोध करेंगे. सीबीआइ द्वारा फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर देने से मामला खत्म होने वाला नहीं है. हमलोगों के पास जो साक्ष्य है. इसके आधार पर गुनाहगारों को सजा दिलायेंगे. हमलोग की ओर से पूर्व में ही कोर्ट में विरोध पत्र दाखिल है. इस विरोध पत्र पर सुनवाई की मांग की जायेगी.

पीआइएल दाखिल करनेवाले अभिषेक रंजन ने जताया विरोध

सुप्रीम कोर्ट में नवरुणा को इंसाफ दिलाने को लेकर पीआइएल दाखिल करनेवाले अभिषेक रंजन ने सीबीआइ के फाइनल रिपोर्ट का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि छह साल से आखिर सीबीआइ क्या जांच कर रही थी कि उसे दोषी नहीं मिला.

Also Read: अब 24 घंटे कर सकते हैं निगरानी ब्यूरो में भ्रष्टाचार की शिकायतें, नाम गुप्त रखकर की जाएगी कार्रवाई, जानें हेल्पलाइन नंबर
रिपोर्ट को पढ़ने के बाद वे आगे का स्टैंड लेंगे

अभिषेक का कहना है कि सीबीआइ की ओर से विशेष कोर्ट में दायर किये गये रिपोर्ट का अबतक उन्होंने नहीं पढ़ा है. रिपोर्ट को पढ़ने के बाद वे आगे का स्टैंड लेंगे. दो बात तो सत्य है एक नवरुणा का अपहरण और दूसरा उसकी हत्या. ऐसा थोड़ी न है कि इसमें कोई दोषी नहीं है. तब तो हम यही कह सकते है कि बिहार पुलिस ने कुछ काम भी किया, लेकिन सीबीआइ ने जांच के नाम पर छह साल से अधिक समय तक खानापूर्ति की है. हम सभी अधिवक्ता के संपर्क में है.

Posted by : Thakur Shaktilochan

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन