मुजफ्फरपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा क्षेत्रीय कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन, 5 दिवसीय कार्य प्रणाली लागू करने की मांग

Author Kumar Gaurav|Edited by Sumit Kumar
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बैंक कर्मचारियों ने 5 दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल की है. जानिए क्या हैं उनकी मांगें और क्या हैं आगे की रणनीति. क्या यह व्यवस्था RBI और LIC की तरह लागू हो पाएगी?

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Bank of Baroda Muzaffarpur Protest: पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने सहित अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार 11 सितंबर को देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहे. इसी क्रम में मुजफ्फरपुर के अखाड़ाघाट रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष बैंक कर्मियों और अधिकारियों ने विशाल विरोध प्रदर्शन कर जोरदार नारेबाजी की. इस प्रदर्शन का नेतृत्व बिहार राज्य बैंक ऑफ बड़ौदा इम्प्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) के उपाध्यक्ष समीर कुमार तथा बैंक ऑफ बड़ौदा ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव दिवाकर ने संयुक्त रूप से किया.

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आरबीआई और एलआईसी की तर्ज पर बैंकों में भी 5 दिन का कार्य सप्ताह हो

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रबंधन की नीतियों पर जमकर नाराजगी जताई. यूनियन नेताओं ने कहा कि जब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), एलआईसी और केंद्र सरकार के सभी कार्यालयों में 5 दिवसीय कार्य प्रणाली लागू है, तो फिर देश के वाणिज्यिक बैंकों में इसे लागू करने में टालमटोल क्यों किया जा रहा है. कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि अत्यधिक कार्यभार के कारण बैंककर्मी भारी मानसिक तनाव और दबाव में काम करने को विवश हैं.

द्विपक्षीय समझौते के बावजूद नहीं लागू हुई व्यवस्था

सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने याद दिलाया कि आईबीए के साथ पूर्व में हुए द्विपक्षीय समझौते में 5 दिवसीय बैंकिंग की मांग को स्वीकार कर लिया गया था. इसके बावजूद सरकार स्तर पर इसे आज तक लागू नहीं किया गया. प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि वे अपना एक दिन का वेतन कटवाकर हक और अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरे हैं.

मांगें न मानने पर अक्टूबर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

यूनियन प्रतिनिधियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर शीघ्र फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. आने वाले दिनों में पहले तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी और उसके बाद भी बात न बनने पर अक्टूबर माह से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी.

सैकड़ों बैंक कर्मियों व अधिकारियों ने दिखाई एकजुटता

इस विशाल विरोध प्रदर्शन में रंजीत, समीर, दिवाकर, जयंत, अनिषा, वारिस खान, अजित, शुभांगी, सुशांत, अभय, वीणा, सुमित, गुंजा, अनामिका, रजनीकांत, देवनारायण, अर्चना, अभिषेक, अर्पिता, प्रसेनजीत, शक्ति नाथ, पुष्पेन्द्र, चंदन, आकाश, प्रितम, विजय, शिवम्, पियूष, रवि, संजय, विभव, राजीव, कुणाल, कुंदन, संतोष, ओम प्रकाश, बबलू, कृष्णा, उज्जवल, राजेश, उमेश, मनोज, अंकित और दीनानाथ सहित भारी संख्या में बैंककर्मी मौजूद रहे.

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