ePaper

समाज की चेतनागत समग्रता को सामने लाने वाले साहित्यकार थे फणीश्वरनाथ रेणु

Updated at : 11 Apr 2025 6:14 PM (IST)
विज्ञापन
समाज की चेतनागत समग्रता को सामने लाने वाले साहित्यकार थे फणीश्वरनाथ रेणु

जेआरएस कॉलेज, जमालपुर में संंचालित मुंगेर विश्वविद्यालय के हिंदी पीजी विभाग में शुक्रवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया.

विज्ञापन

मुंगेर. जेआरएस कॉलेज, जमालपुर में संंचालित मुंगेर विश्वविद्यालय के हिंदी पीजी विभाग में शुक्रवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया. जिसका विषय फणीश्वरनाथ रेणु के साहित्य की प्रासंगिकता था. अध्यक्षता हिंदी पीजी विभागाध्यक्ष डॉ शिव कुमार मंडल ने की. जहां मुख्य अतिथि के रूप में डीएसडब्ल्यू सह अंग्रेजी पीजी विभागाध्यक्ष प्रो. भवेशचंद्र पांडेय थे. विशिष्ट अतिथि उर्दू पीजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ शहीद रजा जमाल तथा विशेष वक्ता के रूप में बीआरएम कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ अभय कुमार थे. संगोष्ठी का संयोजन सहायक प्राध्यापक डॉ रोशन रवि तथा डॉ. अजय प्रकाश ने किया. जबकि मंच संचालन शोध छात्र अभिषेक ने किया. मुख्य अतिथि ने कहा कि फणीश्वरनाथ रेणु अपनी कृतियों में जिस आंचलिकता को देखते थे. उसमें सार्वभौमिकता ज्यादा है. वह समाज की चेतनागत समग्रता को सामने लाते थे. यूं कहें कि उनकी आंचलिकता में समग्रता है. जिसे देख कर निर्मल वर्मा उन्हें हिंदी का संत साहित्यकार कहते हैं. डॉ अभय कुमार ने कहा कि फणीश्वरनाथ रेणु ने उपन्यास, कहानी, रिपोर्ताज, शब्द चित्र, यात्रा वृतांत, कविता लेखन, सिनेमा आदि के जरिए कम समय में अपने समय के स्पंदन को अपने साहित्य में दर्ज किया. उनका लेखन सही अर्थों में भारत की बहुसंख्यक जनता के जीवन का दर्पण है. जिसमें फूल भी है, शूल भी है. विशिष्ट अतिथि ने कहा कि रेणु की कहानी पर बनी तीसरी कसम फिल्म सभी जरूर देखें. उन्होंने हमारे आसपास के जीवन को चित्रित किया है. जिसमें राजनीतिक, सामाजिक समस्याओं का जैसा जिक्र है, उससे हम आज भी मुक्त नहीं हुए हैं. विशेष वक्ता ने कहा कि रेणु लगभग अकेले ऐसे साहित्यकार हैं. जिन्होंने न केवल भारत के आजादी के आंदोलनों में प्रत्यक्ष भागीदारी की, बल्कि नेपाली क्रांति में भी सहयोग किया. डॉ अवनीश चंद्र पांडेय ने कहा कि रेणु ने अंचल को नायक बनाया. उन्होंने अंचल को जैसा देखा, वैसा लिखा, इसलिए उनका पूरा साहित्य वैश्विक श्रेणी में आ जाता है. मौके पर विनय कुमार सिंह, डॉ सुनील कुमार, डॉ चंदन कुमार, डॉ राजीव आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMIT JHA

लेखक के बारे में

By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन