एमयू के सेंट्रल लाइब्रेरी को विद्यार्थियों का इंतजार

Updated at : 09 Feb 2025 10:05 PM (IST)
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एमयू के सेंट्रल लाइब्रेरी को विद्यार्थियों का इंतजार

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मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय में 15 अगस्त 2023 को ही पूर्व कुलपति प्रो. श्यामा राय ने सेंट्रल लाइब्ररी का उद्घाटन तो कर दिया गया था, लेकिन उद्घाटन के सात माह बाद भी खुद विश्वविद्यालय के सेंट्रल लाइब्रेरी में रखी किताबें विद्यार्थियों के आने का इंतजार कर रही है. हद तो यह है कि जिन विद्यार्थियों के लिये सेंट्रल लाइब्रेरी आरंभ की गयी है, उन्हें खुद यह पता नहीं है कि विश्वविद्यालय का सेंट्रल लाइब्रेरी कहां संचालित हो रहा है. अब ऐसे में बेहतर उच्च शिक्षा का दावा करने वाले मुंगेर विश्वविद्यालय की स्थिति को खुद ही समझा जा सकता है. एमयू द्वारा मुख्यालय के पहले तल पर अपने पीजी और पीएचडी के विद्यार्थियों के लिये सेंट्रल लाइब्रेरी खोला गया है. जहां लगभग 2 हजार से अधिक पुस्तकें भी रखी गयी है. जबकि विश्वविद्यालय द्वारा लगभग 2 साल पहले ही सेंट्रल लाइब्रेरी के लिये 2 हजार आईडी कार्ड भी खरीद लिया गया, लेकिन सेंट्रल लाइब्रेरी के उद्घाटन के सात माह बाद भी खुद एमयू के विद्यार्थी सेंट्रल लाइब्रेरी का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि लाइब्रेरी से पुस्तक लेने के लिये क्या नियम है, इसकी जानकारी ही विद्यार्थियों को नहीं है. जबकि नियमानुसार तो सेंट्रल लाइब्रेरी के उद्घाटन के पहले ही विश्वविद्यालय को यहां से पुस्तक लेने के लिये नियम का बायलॉज जारी करना चाहिये था, ताकि उद्घाटन के बाद विद्यार्थी सुविधाजनक रूप से पुस्तक ले सकें. एमयू अपने सेंट्रल लाइब्रेरी को लेकर कितना सजग है. इसका अंदाजा केवल इसी बात से लगाया जा सकता है कि विश्वविद्यालय द्वारा अपने सेंट्रल लाइब्रेरी के लिये नियमित कर्मचारी गुंजेश कुमार सिंह का नियुक्त किया गया है. जिसे वित्त विभाग का भी एसओ बना दिया गया है. अब ऐसे में सेंट्रल लाइब्रेरी का संचालन एकमात्र आउटसोर्सिंग कर्मी के भरोसे ही हो रहा है. इतना ही नहीं एमयू के सेंट्रल लाइब्रेरी का प्रभार भी अबतक खुद ई-लाइब्रेरी के नोडल अधिकारी संभाल रहे हैं. जिनके पास पहले से ही कुलपति के ओएसडी के पद का भी प्रभार है. अब ऐसे में एमयू का सेंट्रल लाइब्रेरी खुद अपने ही विद्यार्थियों के लिये कितना लाभप्रद साबित हो रहा है, यह खुद विश्वविद्यालय से बेहतर कोई नहीं समझ सकता. ई-लाइब्रेरी के नोडल अधिकारी डॉ प्रियरंजन तिवारी ने बताया कि सेंट्रल लाइब्रेरी से पुस्तक पीजी व पीएचडी के विद्यार्थियों को दी जा रही है. हलांकि यहां रिडिंग की व्यवस्था नहीं है. ऐसे में विद्यार्थी लाइब्रेरी आकर आईडी कार्ड ले सकते है. जिसे अपने विभागाध्यक्ष से हस्ताक्षर कराने के बाद विद्यार्थी पुस्तक ले सकते हैं.

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