बच्चों को मिलने वाला आयरन सिरप नदी किनारे मिला बिखरा, CDPO कार्यालय से 200 गज दूर सरकारी दवा मिलने पर मचा हड़कंप

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फेंकी गई आयरन की दवाएं | Prabhat Khabar Network

मुंगेर के टेटियाबंबर प्रखंड में बच्चों के पोषण के लिए भेजी गई सरकारी आयरन सिरप की हजारों बोतलें नदी किनारे झाड़ियों और बालू में बिखरी मिलीं. यह दवा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों तक पहुंचनी थी, लेकिन CDPO कार्यालय से मात्र 200 गज की दूरी पर इस तरह फेंकी मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है. पुलिस ने सभी बोतलों को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

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Munger News: मुंगेर जिले के टेटियाबंबर प्रखंड में बच्चों के पोषण और एनीमिया नियंत्रण के लिए सरकारी स्तर पर उपलब्ध कराया गया आयरन सिरप झाड़ियों और बालू के बीच बिखरा हुआ मिला, जिससे पूरे सरकारी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हजारों बोतलें टेटियाबंबर CDPO कार्यालय से महज करीब 200 गज की दूरी पर महानी नदी के किनारे मिलीं. जिस दवा का वितरण आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों तक पहुंचना था, वह खुले में फेंकी हुई मिली. स्वास्थ्य विभाग ने प्रारंभिक जांच में पुष्टि की है कि बरामद आयरन सिरप सरकारी स्टॉक का हिस्सा है. पुलिस ने सभी बोतलों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है.

यह मामला बच्चों के स्वास्थ्य, सरकारी दवा वितरण व्यवस्था और विभागीय जवाबदेही पर बड़ा सवाल बन गया है.

महानी नदी किनारे बिखरी मिली आयरन सिरप की बोतलें

शनिवार को स्थानीय ग्रामीणों ने टेटियाबंबर प्रखंड मुख्यालय स्थित CDPO कार्यालय के पीछे महानी नदी के किनारे बड़ी संख्या में आयरन सिरप की बोतलें पड़ी देखीं. बोतलों पर स्पष्ट रूप से बच्चों को दी जाने वाली आयरन सिरप का लेबल लगा हुआ था.

सूचना मिलते ही टेटियाबंबर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और झाड़ियों तथा बालू में बिखरी सभी बोतलों को जब्त कर थाना ले गई. घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई कि आखिर बच्चों के लिए भेजी गई सरकारी दवा खुले में कैसे पहुंच गई.

स्वास्थ्य विभाग ने की सरकारी स्टॉक होने की पुष्टि

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेटियाबंबर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अंसार अहमद ने बताया कि बरामद आयरन सिरप स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई थी और उसे विधिवत CDPO कार्यालय को रिसीव कराया गया था.

उन्होंने बताया कि जब्त बोतलों पर अंकित बैच नंबर और उपलब्ध अभिलेखों के मिलान से प्रथम दृष्टया यह CDPO कार्यालय से संबंधित सरकारी स्टॉक की दवा प्रतीत होती है. डॉ. अहमद ने मामले को गंभीर बताते हुए विस्तृत विभागीय जांच की आवश्यकता जताई.

आंगनबाड़ी के माध्यम से बच्चों तक पहुंचनी थी दवा

सरकारी योजना के तहत यह आयरन सिरप आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को वितरित की जानी थी, ताकि उनमें आयरन की कमी और एनीमिया जैसी समस्याओं को रोका जा सके.

ऐसे में बड़ी मात्रा में दवा का नदी किनारे फेंका जाना न केवल सरकारी संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है.

रिकॉर्ड की जांच से खुल सकते हैं कई राज

ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

विशेषज्ञों का मानना है कि CDPO कार्यालय के स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी, प्राप्ति रसीद और संबंधित अभिलेखों की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि दवा कब प्राप्त हुई, कितनी मात्रा में आई और उसका वितरण किस प्रकार दर्ज किया गया.

यदि रिकॉर्ड और बरामद दवा में अंतर पाया जाता है, तो मामले में प्रशासनिक लापरवाही या अनियमितता की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

पुलिस ने जब्त कर शुरू की जांच

टेटियाबंबर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने सभी आयरन सिरप की बोतलों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.

अब यह जांच का विषय है कि दवा को किसने, कब और किन परिस्थितियों में नदी किनारे फेंका. स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास परियोजना से जुड़े अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है.

Munger News : बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी योजना पर उठे सवाल

आयरन सिरप बच्चों के पोषण सुधार और एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. सरकार इस योजना पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च करती है, ताकि बच्चों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराए जा सकें.

ऐसे में सरकारी दवा का खुले में फेंका जाना प्रशासनिक जवाबदेही, निगरानी व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

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राणा गौरी शंकर

लेखक के बारे में

By राणा गौरी शंकर

राणा गौरी शंकर प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक आज से की. अभी प्रभात खबर के मुंगेर कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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