बरियारपुर में बाढ़ का पानी उतरा, लेकिन मुसीबत नहीं, गड्ढों-नालों में जमा सड़ा पानी दे रहा बीमारी का डर

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घरों के पास जमा गंदा पानी. | Prabhat Khabar Network

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बरियारपुर में बाढ़ का पानी भले ही उतर गया हो, लेकिन घरों के आसपास जमा सड़ा पानी अब लोगों के लिए मुसीबत बन गया है. इस दुर्गंध और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से ग्रामीण बीमार पड़ने की आशंका जता रहे हैं.

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बरियारपुर प्रखंड में बाढ़ का जलस्तर घटने के बाद अधिकांश इलाकों से पानी निकल गया है, लेकिन बाढ़ पीड़ितों की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है. घरों के आसपास स्थित गड्ढों और नालों में अब भी एक से दो फीट तक पानी जमा है. कई जगह यह पानी सड़कर काला पड़ गया है, जिससे आसपास के घरों में तेज दुर्गंध पहुंच रही है. ग्रामीणों के लिए इस दुर्गंध के बीच रहना मुश्किल हो गया है.

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गड्ढों और नालों में जमा है सड़ा पानी

ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ का पानी निकलने के बाद गांवों के गड्ढों और नालों में पानी फंस गया है. कई दिनों से जमा रहने के कारण पानी सड़ चुका है. इससे आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है. लोगों का कहना है कि दुर्गंध इतनी तेज है कि घरों में एक मिनट भी रहना मुश्किल हो रहा है.

पंचायतों में छिड़काव के लिए सामग्री, लेकिन पर्याप्त नहीं

स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंचायतों में छिड़काव के लिए मुखिया को ब्लीचिंग पाउडर और चूना उपलब्ध कराया गया है. हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार यह सामग्री पर्याप्त नहीं है. लोगों का कहना है कि पंचायत के एक ही वार्ड में छिड़काव करने के बाद पूरी सामग्री समाप्त हो सकती है. ऐसे में जलजमाव वाले सभी इलाकों में पर्याप्त मात्रा में छिड़काव कराना चुनौती बना हुआ है.

कच्चे मकानों में रहने की स्थिति खराब

बाढ़ से प्रभावित कच्चे मकानों की हालत भी खराब है. पानी उतरने के बाद घरों की मिट्टी पूरी तरह गीली हो गयी है. घर के अंदर चलने पर मिट्टी में गड्ढे बन रहे हैं. ऐसे मकानों में रहना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है. कई परिवार अभी रेलवे लाइन और एनएच के किनारे रहने को मजबूर हैं और घर लौटना चाहते हैं, लेकिन मकान के आसपास पानी जमा होने तथा घर के गीले होने के कारण वे वापस नहीं लौट पा रहे हैं.

पानी घटते ही बढ़ा मच्छरों का प्रकोप

बाढ़ का पानी घटने के बाद अब मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है. जलजमाव वाले स्थानों पर बड़ी संख्या में मच्छर पनप रहे हैं. इससे ग्रामीणों में बीमारी फैलने की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गयी है. बाढ़ प्रभावित लोगों ने जलजमाव वाले स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर और चूना का छिड़काव कराने तथा मच्छरों से बचाव के लिए जरूरी उपाय करने की मांग की है.

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