इरिमी से प्रशिक्षित नरेश कुमार की खास पहचान, रेल मंत्री ने कहा ‘कंटेनर मैन’
जमालपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध इरिमी | Prabhat Khabar Network
जमालपुर स्थित इरिमी से प्रशिक्षित नरेश कुमार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 'कंटेनर मैन' की उपाधि दी है. मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत में उनके योगदान को सराहा गया.
Naresh Kumar Container Man: जमालपुर मुंगेर के जमालपुर स्थित भारतीय रेलवे यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान यानी इरिमी से प्रशिक्षित पूर्व रेल अधिकारी नरेश कुमार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 'कंटेनर मैन' की संज्ञा दी है. गुजरात के कच्छ स्थित शिवलखा में 15 सितंबर को देश की पहली साल्ट कंटेनर ट्रेन के शुभारंभ के मौके पर नरेश कुमार के कंटेनर क्षेत्र में योगदान का उल्लेख किया गया. इस उपलब्धि से इरिमी और जमालपुर रेल कारखाना से जुड़े लोगों में भी उत्साह है.
नरेश कुमार मुंगेर के संदलपुर निवासी हैं. उन्होंने इरिमी से प्रशिक्षण लेकर भारतीय रेल में अधिकारी के रूप में कई वर्षों तक सेवा की. बाद में रेल अधिकारी के पद से इस्तीफा देकर उन्होंने स्टील फाउंड्री की स्थापना की और विशेष प्रकार के कंटेनरों के निर्माण के क्षेत्र में काम शुरू किया.
साल्ट कंटेनर ट्रेन से जुड़ी बड़ी पहल
15 सितंबर को गुजरात के कच्छ के शिवलखा से पहली साल्ट कंटेनर ट्रेन को हरी झंडी दिखायी गयी. यह ट्रेन विशेष रूप से तैयार स्टेनलेस-स्टील कंटेनरों में नमक लेकर चलेगी. रेलवे के अनुसार पारंपरिक तरीके से नमक परिवहन में वजन और नमी से जुड़ी समस्याएं सामने आती थीं. विशेष कंटेनरों को इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है.
नरेश कुमार की कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, शिवलखा में कंटेनर निर्माण और रेल आधारित माल ढुलाई की व्यवस्था को एक साथ विकसित किया गया है. नरेश कुमार ने अपने सार्वजनिक बयान में बताया है कि शिवलखा स्थित टर्मिनल से पहली बल्क साल्ट कंटेनर ट्रेन शुरू हुई और वहां निर्मित कंटेनरों का इस्तेमाल किया गया.
रेलवे सेवा छोड़कर कंटेनर निर्माण में उतरे
बताया गया कि नरेश कुमार ने प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया के आह्वान से प्रेरित होकर स्टील कंटेनर निर्माण के क्षेत्र में काम शुरू किया. उनके नेतृत्व में विशेष प्रकार के स्टील कंटेनरों के निर्माण और आपूर्ति की दिशा में काम किया जा रहा है.
नरेश कुमार के बारे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार वे रेल परिवहन में कंटेनरीकरण और माल ढुलाई को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अलग-अलग जरूरतों के अनुसार विशेष कंटेनर डिजाइन पर भी काम किया है. उनके सार्वजनिक प्रोफाइल में उन्हें पूर्व रेल अधिकारी और रेलवे उद्योग विशेषज्ञ के रूप में बताया गया है.
Naresh Kumar Container Man: इरिमी से प्रशिक्षित इंजीनियरों की अलग पहचान
जमालपुर रेल कारखाना परिसर में स्थित इरिमी भारतीय रेलवे के यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण से जुड़े अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए जाना जाता है. यहां प्रशिक्षित इंजीनियर और अधिकारी भारतीय रेल की तकनीकी व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते रहे हैं.
नरेश कुमार की उपलब्धि को इसी संस्थान और जमालपुर रेल कारखाना की तकनीकी परंपरा से जोड़कर देखा जा रहा है. एक पूर्व रेल अधिकारी के रूप में काम करने के बाद कंटेनर निर्माण और रेल माल ढुलाई से जुड़े नवाचार के क्षेत्र में उनकी सक्रियता ने जमालपुर के लोगों का ध्यान आकर्षित किया है.

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