ePaper

शिव महापुराण कथा में बिल्व पत्र, रूद्राक्ष महिमा तथा नारद चरित्र पर हुयी चर्चा

Updated at : 08 Feb 2026 7:55 PM (IST)
विज्ञापन
शिव महापुराण कथा में बिल्व पत्र, रूद्राक्ष महिमा तथा नारद चरित्र पर हुयी चर्चा

भगवती पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए सबसे पहले बेलपत्र ही चढ़ाया था.

विज्ञापन

जमालपुर श्री 108 योग माया बड़ी दुर्गा स्थान पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन जमात द्वारा आयोजित 10 दिवसीय शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन रविवार को कथा वाचक ज्योतिर्मयानंद ने बिल्व पत्र, रुद्राक्ष महिमा के साथ नारद चरित्र पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि भगवान शिव की पूजा करने में बिल्व पत्र चढ़ाने पर महादेव प्रसन्न होते हैं. पूजा करने वाले को सभी तीर्थ का फल मिल जाता है. इतना ही नहीं केवल बिल्व वृक्ष के नीचे जल चढ़ाने से हजारों तीर्थ का पुण्य मिलता है और जीवन सफल हो जाता है. बिल्व पत्र के मूल में महादेव का बास माना जाता है. कहा जाता है कि समुद्र मंथन के समय भगवान शिव ने हलाहल विष पीकर त्रिलोक की रक्षा की थी, परंतु इससे उन्हें पीड़ा महसूस हुई. जिसे शांत करने के लिए देवगुरु ने बिल्प पत्र और जल अर्पित किया था. भगवती पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए सबसे पहले बेलपत्र ही चढ़ाया था. रुद्राक्ष की महिमा का बखान करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान शिव के आंसुओं से रुद्राक्ष की उत्पत्ति हुई है. जिसे धारण करने से पापा का नाश और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. रुद्राक्ष धारण करने वाले के पास भूत, प्रेत नहीं आते हैं. नारद चरित्र की चर्चा में उन्होंने कहा कि नारद मुनि शिव की भक्ति और लीला का प्रचार करते हैं. ओम नमः शिवाय मंत्र जीवन के कष्टों को दूर करने वाला महामंत्र है. नारद मुनि को शिव के परम भक्त के रूप में जाना जाता है. जो भगवान की माया और महिमा को समझने के लिए हमेशा शिव का ध्यान करते हैं. बाद में उन्होंने शिव नाम महिमा का भी बखान किया और कहा कि पंचाक्षर मंत्र ओम नमः शिवाय का जाप समस्त दुखों को हारने वाला है. शिव महापुराण के अनुसार महादेव आशुतोष हैं. जो बिल्व पत्र और रुद्राक्ष धारण करने वाले भक्तों पर शीघ्र कृपा करते हैं और इसके कारण उनके पाप नष्ट हो जाते हैं. मौके पर महंत डॉ मनोहर दास, महंत डॉ लक्ष्मण दास सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे.

विज्ञापन
AMIT JHA

लेखक के बारे में

By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन