मुंगेर के जमालपुर में काली पहाड़ी की चोटी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, गूंजे जयकारे
काली पहाड़ी पर बने राधा-कृष्ण-बलराम मंदिर
Aaj Ka Darshan: मुंगेर के जमालपुर स्थित काली पहाड़ी पर बने राधा-कृष्ण-बलराम मंदिर में बुधवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. पहाड़ी की चोटी तक पहुंचकर भक्तों ने पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की.
Aaj Ka Darshan: जमालपुर की प्रसिद्ध काली पहाड़ी की चोटी पर स्थित राधा-कृष्ण-बलराम मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है. बुधवार को मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. श्रद्धालु पहाड़ी चढ़कर मंदिर पहुंचे और भगवान राधा-कृष्ण व बलराम के दर्शन कर आशीर्वाद मांगा. मंदिर परिसर पूरे दिन भक्ति गीतों और जयकारों से गूंजता रहा.
काली पहाड़ी पर बसती है लोगों की आस्था
जमालपुर के पूर्वी छोर पर स्थित काली पहाड़ी पर बना यह मंदिर न केवल मुंगेर बल्कि आसपास के कई जिलों के लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है. ऊंची पहाड़ी पर स्थित होने के बावजूद यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. कोई सुख-शांति की कामना लेकर आता है तो कोई अपने परिवार की खुशहाली के लिए भगवान के चरणों में माथा टेकता है.
बुधवार को दिखता है भक्तों का सैलाब
बुधवार के दिन मंदिर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है. सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है. पहाड़ी की सीढ़ियां चढ़ते हुए भक्त राधा-कृष्ण और बलराम जी के जयकारे लगाते नजर आते हैं. मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.
काली पहाड़ी की ऊंचाई से जमालपुर और आसपास का दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई देता है. यही कारण है कि यहां आने वाले श्रद्धालु धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता का भी आनंद लेते हैं. सुबह और शाम के समय मंदिर परिसर का वातावरण बेहद शांत और आध्यात्मिक महसूस होता है.
आसपास के जिलों से भी पहुंचते हैं श्रद्धालु
स्थानीय लोगों के अनुसार इस मंदिर की धार्मिक मान्यता काफी पुरानी है. विशेष अवसरों और बुधवार के दिन यहां मुंगेर के अलावा लखीसराय, भागलपुर और जमुई समेत आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं. लोगों का विश्वास है कि सच्चे मन से मांगी गई मुराद यहां जरूर पूरी होती है.
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लेखक के बारे में
By प्रत्युष प्रशांत
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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