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चोरमारा व गुरमाहा में सीआरपीएफ कैंप खोलने की कवायद शुरू

Updated at : 14 Feb 2020 8:44 AM (IST)
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चोरमारा व गुरमाहा में सीआरपीएफ कैंप खोलने की कवायद शुरू

मुंगेर : डीआइजी मनु महाराज मुंगेर रेंज से नक्सलियों के खात्मे को लेकर लगातार अभियान चला रखा है. इस दौरान कई नक्सलियों ने आत्मसर्मपण किया तो कई नक्सलियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया. कई कैंप को ध्वस्त कर वहां से हथियार, कारतूस व भारी मात्रा में सामानों को जब्त कर […]

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मुंगेर : डीआइजी मनु महाराज मुंगेर रेंज से नक्सलियों के खात्मे को लेकर लगातार अभियान चला रखा है. इस दौरान कई नक्सलियों ने आत्मसर्मपण किया तो कई नक्सलियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया. कई कैंप को ध्वस्त कर वहां से हथियार, कारतूस व भारी मात्रा में सामानों को जब्त कर नक्सलियों की कमर तोड़ने का काम किया. अब उन्होंने अति नक्सल प्रभावित जंगल व पहाड़ के बीच बसे चोरमारा और गुरमाहा में सीआरपीएफ कैंप खोलने की कवायद शुरू की है.

उन्होंने भारत सरकार के चीफ सेक्रेटरी एडवाइजरी विजय कुमार से यहां कैंप खोलने को लेकर चर्चा की है. मुंगेर रेंज के नक्सल प्रभावित जमुई, मुंगेर और लखीसराय जिले में नक्सलियों पर लगाम लगाने के लिए दो सीआरपीएफ कैंप खोलने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिया गया है. जमुई जिले के गुरमाहा और चोरमारा में कैंप की स्थापना की जरूरत को दर्शाया गया है.
क्योंकि यह क्षेत्र अतिनक्सल प्रभावित क्षेत्र है और मुंगेर, लखीसराय एवं जमुई सीमा पर स्थित है. माना जा रहा है कि कैंप की स्थापना होने से निश्चित तौर पर मुंगेर रेंज से नक्सलियों का खात्मा हो जायेगा. डीआइजी ने जब चीफ सेक्रेटरी एडवाइजरी को नक्सल खात्मा को लेकर अपना रणनीति बताया तो उन्होंने हामी भरते हुए कैंप खोलने को लेकर सरकार से चर्चा करने की बात कही.
चोरमारा में है कई हार्डकोर नक्सली प्रवेश दा का भी ठिकाना
बताया जाता है कि चोरमारा गांव जमुई, मुंगेर और लखीसराय जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में है. जो आज नक्सलियों का सबसे मजबूत गढ बन गया है. यहीं से नक्सलियों द्वारा वारदात को अंजाम देने की योजना बनती है.
क्योंकि चोरमारा गांव में कई बड़े नक्सलियों का घर है. इनमें अर्जुन कोड़ा, रामेश्वर कोड़ा, बालेश्वर कोड़ा, भुवनेश्वर कोड़ा सहित कई हार्डकोर नक्सली है. सूत्रों की माने तो नक्सली संगठन का बड़ा नेता परवेज दा गुरमाहा और चोरमारा में ही रहकर संगठन को संचालित कर रहा है. यहां से ही वह जमुई, लखीसराय और मुंगेर जिले में नक्सल की हर गतिविधियों को चलाता है.
चोरमारा व गुरमाहा में खुला कैंप तो नक्सलियों का हो जायेगा खात्मा
डीआइजी मनु महाराज ने ने बताया कि गुरमाहा और चोरमारा में नक्सली अधिक सक्रिय है. सूचना पर इन क्षेत्रों में लगातार अंतराल पर भारी संख्या में पुलिस बल के साथ कार्रवाई भी किया जाता है. उन्होंने बताया कि भीमबांध में पहले से ही कैंप स्थापित है. इसके साथ ही अगर गुरमाहा और चोरमारा में कैंप की स्थापना हो जाती है तो तीन तरफ से कैंप हो जायेगा.
भीमबांध के एक छोर पर गुरमाहा और एक छोर पर चोरमारा है. इन दोनों जगहों पर कैंप का स्थापना हो जाता है तो तीनों कैंप की पुलिस मिलकर आसानी से नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई कर सकती है. कैंप स्थापित होने से स्थानीय ग्रामीणों का भी सहयोग पुलिस को मिलना शुरू हो जायेगा.
कैंप स्थापित होने से नक्सलियों की हर तरह की गतिविधियों पर न सिर्फ नजर रखा जा सकता है बल्कि उसके ठहरने एवं आवागमन को भी विराम लग जायेगा. डीआईजी के प्रयास को अगर सफलता मिलती है तो निश्चित तौर पर मुंगेर रेंज नक्सल मुक्त रेंज हो जायेगा.
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