मोतिहारी के पशुपालकों के लिए खुशखबरी, बकरी और पोल्ट्री फार्म पर मिलेगा 90% तक अनुदान

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पॉल्ट्री फार्म में रखी हुई मुर्गियां | Prabhat Khabar Network

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पूर्वी चंपारण में पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं. इन योजनाओं के तहत बकरी, भेड़, सूकर और पोल्ट्री फार्म स्थापित करने पर लाभार्थियों को भारी अनुदान दिया जा रहा है, जो 90% तक हो सकता है. यह योजनाएं पशुपालकों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेंगी.

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मोतिहारी से अभिषेक कुमार की रिपोर्ट

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Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले में पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन विभाग ने कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की हैं. इन योजनाओं का उद्देश्य पशुपालकों की आय बढ़ाना, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है. जिला प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए.

24 घंटे उपलब्ध है पशु चिकित्सा सेवा

जिले में पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए 24 घंटे पशु चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा रही है. सरकारी पशु चिकित्सालयों में पशुओं का इलाज, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, बधियाकरण और नि:शुल्क दवा वितरण जैसी सुविधाएं नियमित रूप से दी जा रही हैं. विभाग का कहना है कि पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर पशुधन उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.

मोबाइल वेटनरी यूनिट से घर बैठे मिलेगा इलाज

पशुपालकों की सुविधा के लिए प्रत्येक प्रखंड में मोबाइल वेटनरी यूनिट की व्यवस्था की गई है. अब पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर अपने घर के पास ही पशु चिकित्सा सेवा का लाभ ले सकते हैं. इससे बीमार पशुओं का समय पर इलाज संभव होगा और पशुपालकों को अस्पताल तक आने-जाने की परेशानी नहीं होगी.

बकरी और भेड़ पालन पर मिलेगा भारी अनुदान

समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना के तहत विभिन्न क्षमता वाली बकरी पालन इकाइयों की स्थापना पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है.

वहीं, सात निश्चय-2 के अंतर्गत बीपीएल परिवारों के लिए तीन प्रजनन योग्य बकरियों की इकाई स्थापित करने पर सामान्य वर्ग को 80 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के परिवारों को 90 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है.

सूकर और पोल्ट्री फार्म के लिए भी सरकार दे रही सहायता

समेकित सूकर विकास योजना के तहत सात निश्चय-2 के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के परिवारों को 90 प्रतिशत अनुदान पर दो मादा और एक नर सूकर उपलब्ध कराया जा रहा है.

इसके अलावा समेकित मुर्गी विकास योजना के तहत 5000 और 10000 लेयर बर्ड तथा 3000 ब्रायलर बर्ड क्षमता वाले पोल्ट्री फार्म की स्थापना पर भी सरकारी सहायता दी जा रही है. योजना के अनुसार सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 30 प्रतिशत, जबकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा.

अधिक से अधिक लाभुकों को जोड़ने का निर्देश

जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. शशि भूषण प्रसाद ने सभी संबंधित अधिकारियों को पंचायत और प्रखंड स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने, आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने और स्वीकृत योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. साथ ही पशुपालकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया है.

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