महिलाओं की सुरक्षा पर मोतिहारी प्रशासन का फोकस, यौन उत्पीड़न की शिकायत पर कार्रवाई की दी ट्रेनिंग
प्रशिक्षण कार्यक्रम मे उपस्थित डीएम सौरभ सुमन यादव व एसपी स्वर्ण प्रभात
मोतिहारी में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने विशेष प्रशिक्षण का आयोजन किया. यौन उत्पीड़न रोकने के कानूनी प्रावधानों पर जोर दिया गया.
Motihari News: मोतिहारी. कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने पहल शुरू की है. मंगलवार को पुलिस सभागार में महिलाओं के सुरक्षित कार्यस्थल को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गयी. जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के प्रावधानों की जानकारी दी गयी.
प्रशिक्षण में अधिकारियों और कर्मियों को बताया गया कि कार्यस्थल पर महिला के साथ यौन उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किस तरह कार्रवाई की जानी है. महिलाओं के अधिकार, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और शिकायतों के निवारण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी जानकारी दी गयी.
कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता
गोष्ठी में सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में महिलाओं के लिए भयमुक्त और गरिमापूर्ण माहौल बनाने पर जोर दिया गया. प्रतिभागियों को बताया गया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए संवेदनशील और जिम्मेदार वातावरण तैयार करना भी जरूरी है.
अधिकारियों और कर्मियों को कानून के प्रावधानों के साथ कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों की जानकारी दी गयी, ताकि शिकायत सामने आने की स्थिति में उचित प्रक्रिया अपनायी जा सके.
शिकायत मिलने पर तय प्रक्रिया के तहत होगी कार्रवाई
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं के यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेने पर जोर दिया गया. प्रतिभागियों को शिकायत दर्ज कराने और उसके निवारण से संबंधित कानूनी प्रक्रिया समझायी गयी.
विशेषज्ञों ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों की भूमिका क्या होगी और मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किस तरह किया जाना चाहिए. शिकायतकर्ता महिला को आवश्यक सहायता और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया.
महिलाओं के अधिकार और शिकायत निवारण की जानकारी
गोष्ठी में महिलाओं के अधिकारों और कार्यस्थल पर उन्हें मिलने वाली कानूनी सुरक्षा के बारे में विस्तार से बताया गया. शिकायतों के प्रभावी निवारण के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों को भी समझाया गया.
प्रतिभागियों को यह जानकारी दी गयी कि कार्यस्थल पर किसी भी तरह की शिकायत को नजरअंदाज करने के बजाय निर्धारित प्रावधानों के तहत उसका समाधान किया जाना चाहिए.
भयमुक्त और गरिमापूर्ण माहौल बनाने पर जोर
कार्यक्रम में सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में महिलाओं के लिए सुरक्षित, भयमुक्त और सम्मानजनक वातावरण बनाने पर विशेष जोर दिया गया.
अधिकारियों और कर्मियों से कार्यस्थल पर संवेदनशील व्यवहार रखने और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में आवश्यक तत्परता बरतने की अपील की गयी. प्रशिक्षण का उद्देश्य कानून की जानकारी के साथ कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण की जिम्मेदारी को भी स्पष्ट करना रहा.
प्रशासन और पुलिस ने दोहरायी प्रतिबद्धता
कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा पुलिस विभाग के पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे. प्रशिक्षण के समापन पर पुलिस की ओर से महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी गयी.
प्रशासन और पुलिस की इस पहल के माध्यम से कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी अधिकारियों और कर्मियों तक पहुंचाने के साथ शिकायतों के प्रभावी निवारण पर जोर दिया गया.
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