शिक्षक शमशाद हत्याकांड में 20 हजार का इनामी पूर्व प्रमुख चमन गिरफ्तार, पूछताछ में मारपीट की बात स्वीकारी
प्रेसवार्ता कर जानकारी देते सदर वन डीएसपी
मोतिहारी शिक्षक हत्याकांड का मुख्य आरोपी, 20 हजार का इनामी पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन गिरफ्तार. नेपाल से लौटने पर पकड़ा गया, पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे.
Motihari News: बंजरिया. थाना क्षेत्र के सिसवा पूर्वी पंचायत के चर्चित शिक्षक मो. शमशाद आलम हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने मामले के 20 हजार रुपये के इनामी और नामजद आरोपी पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन को गिरफ्तार किया है. एसपी स्वर्ण प्रभात ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है.
डीएसपी दिलीप कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मोतिहारी नगर थाना क्षेत्र में मधुबन छावनी चौक से धर्मसमाज चौक के बीच एक गली में कार्रवाई कर चमन को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, वह नेपाल से किसी व्यक्ति से मिलने के लिए मोतिहारी पहुंचा था.
20 हजार के इनामी चमन को पुलिस ने किया गिरफ्तार
शमशाद आलम हत्याकांड के बाद से पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन फरार चल रहा था. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी.
गुप्त सूचना मिलने के बाद डीएसपी दिलीप कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मोतिहारी नगर क्षेत्र में घेराबंदी कर चमन को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया है.
नेपाल भागने में ड्राइवर ने की थी मदद
पुलिस के अनुसार, हत्याकांड के बाद फरार होने में चमन की मदद वाहन चालक उपेंद्र कुमार ने की थी. सोमवार की शाम पुलिस ने उपेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया था. वह नगर थाना क्षेत्र के पकड़ी बाजार का निवासी बताया गया है.
पुलिस के अनुसार, उपेंद्र ने चमन को नेपाल भागने में मदद की थी. वहीं, जटवा निवासी शब्बीर आलम को पुलिस घटना के दिन ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है. शब्बीर के खेत से शिक्षक शमशाद आलम का शव बरामद किया गया था.
17 सितंबर को परीक्षा ड्यूटी से लौटते समय हुई थी हत्या
पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर को सिसवा शाहबाज टोला निवासी शिक्षक शमशाद आलम बनकट मध्य विद्यालय में परीक्षा ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे थे.
इसी दौरान सिसवा पंचायत सरकार भवन के समीप उन्हें घेरकर मारपीट की गयी. गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गयी थी. घटना के बाद शव को जटवा-जनरेवा मुख्य मार्ग के पास एक बसवारी में फेंके जाने की बात सामने आयी थी.
मृतक की पत्नी रिजवाना खातून के आवेदन पर बंजरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इसमें सिसवा पूर्वी पंचायत की मुखिया तान्या प्रवीण, पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन, फैजूर रहमान मुन्ना और शब्बीर आलम समेत नौ लोगों को नामजद किया गया था.
पूछताछ में मारपीट की बात स्वीकारने का पुलिस का दावा
डीएसपी दिलीप कुमार सिंह के अनुसार, पुलिस पूछताछ के दौरान चमन ने शिक्षक शमशाद आलम के साथ मारपीट की बात स्वीकार की है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ में चमन ने हत्याकांड में शामिल अन्य सहयोगियों के नामों का भी खुलासा किया है.
पुलिस अब सामने आये नामों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है.
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
शमशाद आलम हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है. तकनीकी जानकारी, पूछताछ और पुलिस के स्तर से जुटाये गये तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.
छापेमारी में डीएसपी दिलीप कुमार सिंह के अलावा बंजरिया थानाध्यक्ष निभा कुमारी, दारोगा संतोष कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल रहे.
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