मोतिहारी: छौड़ादानो में पेपरलेस रजिस्ट्री के बाद तीन दिन से काम ठप, रोज 10 लाख राजस्व पर असर

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सांकेतिक तस्वीर

मोतिहारी के छौड़ादानो अवर निबंधन कार्यालय में नई पेपरलेस व्यवस्था के कारण पिछले तीन दिनों से एक भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पाई है. तकनीकी और प्रक्रियागत दिक्कतों से खरीदार-विक्रेता निराश लौट रहे हैं, जिससे दस्तावेज लेखकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.

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Motihari News: छौड़ादानो अवर निबंधन कार्यालय में 17 अगस्त से पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू होने के बाद पिछले तीन दिनों से एक भी जमीन-जायदाद का दस्तावेज निबंधित नहीं हो सका है. नई व्यवस्था में तकनीकी और प्रक्रियागत दिक्कतों के कारण क्रेता-विक्रेता निबंधन के लिए कार्यालय पहुंचकर भी बिना काम कराए लौट रहे हैं. इससे दस्तावेज लेखकों यानी कातिबों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, जबकि सरकारी राजस्व पर भी असर पड़ने की बात सामने आ रही है.

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Chauradano News: तीन दिन से एक भी रजिस्ट्री नहीं

कातिब संघ के अध्यक्ष पारस प्रसाद ने बताया कि 17 अगस्त से अब तक कार्यालय में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी है. सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन करीब 70 से 80 दस्तावेजों का निबंधन होता था. इस कारण सरकार को रोजाना करीब 10 लाख रुपये राजस्व प्राप्त होता था.

नई व्यवस्था लागू होने के बाद निबंधन कार्य प्रभावित होने से जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों की परेशानी बढ़ गई है.

रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोग लौट रहे खाली हाथ

दस्तावेज लेखक समय पर कार्यालय पहुंच रहे हैं और जमीन खरीदने-बेचने वाले लोग भी निबंधन के लिए पहुंच रहे हैं. हालांकि पेपरलेस व्यवस्था से जुड़ी तकनीकी और प्रक्रियागत परेशानियों के कारण दस्तावेजों का निबंधन पूरा नहीं हो पा रहा है.

कातिबों का कहना है कि जब तक नई व्यवस्था पूरी तरह सुचारु नहीं हो जाती, तब तक पूर्व की पेपर-बेस व्यवस्था से निबंधन की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके.

कातिबों के सामने रोजी-रोटी का संकट

निबंधन कार्य ठप होने का सीधा असर दस्तावेज लेखकों की आय पर भी पड़ा है. कातिबों का कहना है कि वे रोज कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन काम नहीं होने के कारण आर्थिक परेशानी बढ़ती जा रही है.

उनका कहना है कि तकनीकी व्यवस्था को जल्द ठीक कर निबंधन कार्य सामान्य किया जाना जरूरी है.

सरकारी राजस्व पर भी पड़ रहा असर

सामान्य दिनों में प्रतिदिन 70 से 80 दस्तावेजों के निबंधन से करीब 10 लाख रुपये राजस्व प्राप्त होने की बात बताई गई है. ऐसे में तीन दिनों से निबंधन नहीं होने से सरकारी राजस्व पर भी असर पड़ने की संभावना है.

कातिबों ने प्रशासन से जल्द तकनीकी समस्या दूर कर निबंधन व्यवस्था को सुचारु कराने की मांग की है.

अवर निबंधन पदाधिकारी बोले- कार्यालय पूरी तरह तैयार

छौड़ादानो अवर निबंधन पदाधिकारी मोहन मंडल ने बताया कि कार्यालय पूरी तरह पेपरलेस निबंधन व्यवस्था के लिए तैयार है. उन्होंने क्रेता-विक्रेताओं से सीधे कार्यालय पहुंचने की अपील की.

उन्होंने कहा कि निबंधन कार्य में कार्यालय की ओर से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा.

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मनोज कुमार गुप्ता

लेखक के बारे में

By मनोज कुमार गुप्ता

मनोज कुमार गुप्ता बीते 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वह प्रिंट, रेडियो और डिजिटल माध्यमों का व्यापक अनुभव रखते हैं. वर्तमान में भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र से रिपोर्टिंग करते हुए अंतरराष्ट्रीय संबंधों, सीमा सुरक्षा और नेपाल की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं. सामाजिक सरोकारों में गहरी रुचि के साथ वे क्षेत्र की जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने और उनके समाधान के प्रयासों के लिए जाने जाते हैं.

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