मोतिहारी में कृषि कर्मचारी संघ का जिला सम्मेलन, नई कमेटी गठित, पुरानी पेंशन समेत कई मांगें उठीं

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बैठक में उपस्थित संघ के पदाधिकारी व अन्य

मोतिहारी में बिहार राज्य कृषि कर्मचारी संघ का जिला सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें नई जिला कमेटी का गठन हुआ. कृष्ण कुमार जिलाध्यक्ष चुने गए. सम्मेलन में पुरानी पेंशन, समान वेतन और संविदा कर्मियों की सेवा नियमित करने जैसी प्रमुख मांगों पर विचार-विमर्श किया गया.

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Motihari News: बिहार राज्य कृषि कर्मचारी संघ, जिला इकाई पूर्वी चंपारण का जिला सम्मेलन रविवार को संयुक्त कृषि भवन, छतौनी में आयोजित किया गया. सम्मेलन में जिलेभर से पहुंचे कृषि विभाग के विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों ने भाग लिया. इस दौरान कर्मचारी हित, सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और लंबित मांगों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. सम्मेलन में सर्वसम्मति से नई जिला कमेटी का गठन भी किया गया.

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कृष्ण कुमार बने जिलाध्यक्ष, सुबन कुमार को जिला मंत्री की जिम्मेदारी

सम्मेलन के दौरान सर्वसम्मति से नई जिला कमेटी का गठन किया गया. इसमें कृष्ण कुमार को जिलाध्यक्ष, सुबन कुमार को जिला मंत्री और राकेश रंजन को कोषाध्यक्ष बनाया गया. नवगठित कमेटी के पदाधिकारियों का उपस्थित कर्मचारियों ने स्वागत किया.

सेवा सुरक्षा और पदोन्नति के मुद्दे पर चर्चा

सम्मेलन में कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया. वक्ताओं ने कहा कि कृषि विभाग के विभिन्न संवर्गों के नियमित एवं संविदा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन मजबूती से आवाज उठाएगा.

संविदा कर्मियों और किसान सलाहकारों की सेवा नियमित करने की मांग

कर्मचारी संघ ने संविदा कर्मियों और किसान सलाहकारों की सेवा नियमित करने की पुरजोर मांग की. इसके साथ ही कार्यपालक सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटरों को लिपिक संवर्ग के रिक्त पदों पर समायोजित करने की मांग भी उठाई गई.

पुरानी पेंशन योजना और समान वेतन लागू करने की मांग

सम्मेलन में कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना यानी ओपीएस लागू करने की मांग की. साथ ही "समान काम के लिए समान वेतन" के सिद्धांत को लागू करने पर भी जोर दिया गया. कर्मचारियों ने कहा कि सेवा शर्तों और वेतन से जुड़े मुद्दों का समाधान आवश्यक है.

सभी संवर्गों के कर्मचारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष का ऐलान

वक्ताओं ने कहा कि संगठन लिपिक संवर्ग, प्रक्षेत्र सहायक, चालक, कार्यपालक सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, एटीएम, बीटीएम और किसान सलाहकारों समेत सभी कर्मचारियों के अधिकारों के लिए मजबूती से संघर्ष करेगा. संगठन की ओर से कर्मचारियों की समस्याओं को विभागीय स्तर से लेकर शासन स्तर तक उठाने की बात कही गई.

प्रखंड स्तर तक संगठन मजबूत करने का संकल्प

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन को प्रखंड स्तर तक और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय अधिकारियों और सरकार के समक्ष लगातार आवाज उठाई जाएगी. सम्मेलन का समापन "कर्मचारी एकता जिंदाबाद" के नारों के साथ हुआ.

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