मधुबनी के अस्पतालों में शी-बॉक्स पंजीकरण अनिवार्य, 3 दिनों में रिपोर्ट नहीं देने पर कार्रवाई
सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार
मधुबनी में स्वास्थ्य संस्थानों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है. 10 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में शी-बॉक्स पोर्टल पर आंतरिक शिकायत समिति का पंजीकरण अनिवार्य है. तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट न देने पर कार्रवाई की जाएगी.
Madhubani News: जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों और अस्पतालों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा तथा कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है. राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पाण्डेय के निर्देश पर 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन कर उसे केंद्र सरकार के शी-बॉक्स पोर्टल पर पंजीकृत करना अनिवार्य किया गया है. इसके अनुपालन की रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
10 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में समिति जरूरी
निर्देश के अनुसार जिन स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन या पुनर्गठन सुनिश्चित करना होगा. समिति की अध्यक्षता किसी वरिष्ठ महिला कर्मचारी या अधिकारी को सौंपना अनिवार्य किया गया है.
शी-बॉक्स पोर्टल पर अपलोड करना होगा पूरा ब्योरा
सभी स्वास्थ्य संस्थानों को समिति के अध्यक्ष का नाम, पदनाम और आधिकारिक ईमेल आईडी शी-बॉक्स पोर्टल पर दर्ज करानी होगी. इसके साथ समिति के सभी सदस्यों की सूची भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी.
जिन संस्थानों ने अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनसे अध्यक्ष का नाम और मोबाइल नंबर सहित अलग से सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है.
समिति का कार्यकाल अधिकतम तीन वर्ष
निर्धारित नियमों के अनुसार आंतरिक शिकायत समिति का कार्यकाल मनोनयन की तारीख से तीन वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए. स्वास्थ्य संस्थानों को समिति की संरचना और पंजीकरण की स्थिति नियमों के अनुरूप अपडेट रखने का निर्देश दिया गया है.
हर साल जागरूकता कार्यशाला कराना अनिवार्य
महिला कर्मियों को कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से जुड़े कानूनों और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में साल में कम से कम एक बार कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना होगा. इसकी रिपोर्ट भी शी-बॉक्स पोर्टल पर अपलोड करनी होगी.
नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित होगी कानूनी जानकारी
महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित अधिनियम और नियमों के प्रावधानों की जानकारी अस्पताल एवं स्वास्थ्य संस्थानों के मुख्य सूचना पट्ट पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी, ताकि कर्मचारियों को उनके अधिकारों और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी मिल सके.
तीन दिनों में अनुपालन नहीं तो होगी कार्रवाई
राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग उन संस्थानों को चिन्हित करने में जुट गया है, जहां अब तक शी-बॉक्स पंजीकरण या समिति गठन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. विभाग ने तीन दिनों के भीतर पूरी प्रक्रिया का अनुपालन कर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है.
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने जताई सख्ती
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों और अस्पताल अधीक्षकों को तत्काल अनुपालन का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि महिला कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
उन्होंने स्पष्ट किया कि तीन दिनों की समय सीमा के भीतर पोर्टल पर आवश्यक डेटा अपलोड नहीं करने या प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर वेतन रोकने जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है.
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