मधुबनी . केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर वीबी रामजी करने का कांग्रेस ने विरोध किया है. मंगलवार को प्रतिरोध मार्च निकाला गया. प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम मंत्री व शकील अहमद खान मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचे. बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को पार्टी कार्यालय में स्वागत किया. कांग्रेस कार्यालय से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम सहित पार्टी के सैकड़ों नेता व कार्यकर्ता केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर वीबी जी राम जी करने के विरोध में प्रतिशोध मार्च निकाला. प्रतिशोध मार्च बाटा चौक, महिला कॉलेज रोड स्टेशन चौक पोस्ट ऑफिस रोड होते हुए पार्टी कार्यालय पहुंची. पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों का हक मारने के लिए मनरेगा योजना का नाम बदलकर जी राम जी कर दिया है. पूर्व के मनरेगा योजना में मजदूरों को रोजगार देने के लिए 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार एवं 10 प्रतिशत राशि राज्य सरकारों द्वारा वहन किया जाता था. नई योजना में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार एवं 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकारों को देना होगा. यह योजना मजदूरों के रोजगार को समाप्त करने के लिए बनाई गई है. उन्होंने कहा कि इस योजना को कांग्रेस ने चलाया था और वही नाम रहना चाहिए. मनरेगा योजना है तो मजदूर को रोजगार की गारंटी है. मनरेगा कोई ब्रांड नहीं मजदूर का हक है. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कानून बदले बिना नाम बदलना जनता के साथ धोखा है. मनरेगा योजना नहीं बल्कि विकसित भारत की नींव है . भाजपा द्वारा इतिहास मिटाने का कार्य किया जा रहा है. इतिहास मिटाने से विकास नहीं हो सकता. इस मौके पर पूर्व मंत्री शकील अहमद खान, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुबोध मंडल, डिप्टी मेयर अमानुल्लाह खान, पूर्व एमएलसी विनोद सिंह, पूर्व विधायक गुलजार देवी, शितलाम्बर झा, मनोज कुमार मिश्र, नलिनी रंजन झा, कृष्णकांत झा गुड्डू, जिप सदस्य मोहम्मद ताजुद्दीन, मीना देवी, ज्योति रमन झा, प्रो.मुनेश्वर यादव, उपेंद्र यादव, टेकनाथ पाठक, समितुल्लाह खान, विनय कुमार झा, शाहिद हुसैन सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे.
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