Madhubani: नगर निगम की 230 दुकानों पर 1.48 करोड़ रुपये किराया बकाया, वसूली महज 6.31%

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नगर निगम कार्यालय | Prabhat Khabar Network

मधुबनी नगर निगम अपनी 230 दुकानों से किराए की वसूली में बुरी तरह पिछड़ गया है. दुकानदारों पर 1.48 करोड़ रुपये का भारी किराया बकाया है, जबकि अब तक केवल 6.31% राशि ही जुटाई जा सकी है. इस लापरवाही के चलते निगम के विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ रहा है.

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Madhubani News: मधुबनी नगर निगम की उदासीनता के कारण उसका अपना राजस्व लगातार फंसता जा रहा है. नगर निगम की शहर के विभिन्न बाजारों और महत्वपूर्ण स्थलों पर कुल 230 दुकानें और कमरे हैं, जिन्हें व्यापार के लिए किराये पर दिया गया है. लेकिन इन दुकानों से किराया वसूली की स्थिति बेहद खराब है. निगम के आंकड़ों के अनुसार दुकानदारों पर करीब 1.48 करोड़ रुपये किराया बकाया है.

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तीसरी तिमाही तक सिर्फ 6.31% वसूली

वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही समाप्त होने के बाद भी किराया वसूली की रफ्तार बेहद धीमी है. प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 तक दुकानों से 1,11,50,868 रुपये बकाया था.

चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की 47,01,270 रुपये की मांग जोड़ने के बाद कुल मांग 1,58,52,138 रुपये हो गयी. इसके विरुद्ध अब तक महज 10,00,896 रुपये की वसूली हो सकी है. यह कुल मांग का सिर्फ 6.31 प्रतिशत है. अभी भी 1,48,51,242 रुपये बकाया है.

निगम की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

नगर निगम के पास आय का प्रमुख स्रोत बाजार और दुकानों से मिलने वाला किराया है. ऐसे में 230 दुकानें होने के बावजूद तीसरी तिमाही तक महज 6.31 प्रतिशत वसूली होने से निगम की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.

बकाया किराया समय पर नहीं मिलने से नगर निगम की आय प्रभावित हो रही है. इसका असर शहर के विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है. साफ-सफाई, नाला निर्माण, सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं के लिए निगम को अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की जरूरत होती है, जबकि उसका अपना राजस्व ही लंबे समय से बकाया है.

बकाया नहीं देने पर आवंटन रद्द करने की चेतावनी

डिप्टी मेयर अमानुल्लाह खान ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की समीक्षा की है. सभी 230 बकायेदार दुकानदारों को जल्द नोटिस जारी किया जाएगा. निर्धारित समय में बकाया राशि जमा नहीं करने वाले दुकानदारों के खिलाफ दुकानों का आवंटन रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर नये सिरे से दुकानों की नीलामी कर आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

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