Madhubani: पेपरलेस निबंधन के विरोध में कातिबों का आंदोलन नौवें दिन भी जारी, रजिस्ट्री प्रभावित

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काम का बहिष्कार करते कातिब | Prabhat Khabar Network

बिहार में पेपरलेस निबंधन व्यवस्था के खिलाफ कातिबों का असहयोग आंदोलन अपने नौवें दिन भी जारी है. ओटीपी और ई-केवाईसी की अनिवार्यता के विरोध में काम बंद होने से निबंधन कार्यालयों में सन्नाटा है, जिससे रजिस्ट्री कराने आए लोगों को भारी परेशानी हो रही है. संख्या 30-35 से घटकर सिर्फ 1-2 रह गई है.

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Jhanjharpur News: बिहार में पेपरलेस निबंधन व्यवस्था, ओटीपी और ई-केवाईसी की अनिवार्यता के विरोध में बिहार दस्तावेज नवीस संघ की झंझारपुर शाखा के कातिबों का असहयोग आंदोलन मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा. कातिबों के काम से अलग रहने के कारण निबंधन कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा. रजिस्ट्री कराने पहुंचे पक्षकारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.

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OTP और नेटवर्क की समस्या से काम प्रभावित

कातिब संघ के जिला उपाध्यक्ष भरत कुमार ठाकुर ने कहा कि नयी व्यवस्था से निबंधन कार्य में काफी बाधा उत्पन्न हो रही है. पक्षकार ओटीपी देने में आनाकानी करते हैं. पहचानकर्ता और गवाह भी ओटीपी साझा करने को तैयार नहीं होते.

उन्होंने बताया कि नेटवर्क फेल होने के कारण ऑनलाइन प्रक्रिया बार-बार बाधित होती है. कातिबों का आरोप है कि विभाग इन समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है.

अनुज्ञप्ति नहीं मिलने से कातिब नाराज

कातिबों ने कहा कि सरकार ने उन्हें सेवा प्रदाता के रूप में मान्यता देने और अनुज्ञप्ति देने की बात कही थी, लेकिन अब तक एक भी अनुज्ञप्ति जारी नहीं की गयी है.

झंझारपुर निबंधन कार्यालय में 37 कातिब निबंधित हैं. कातिबों के साथ काम करने वाले टाइपराइटर सहायक भी काम प्रभावित होने के कारण बेरोजगारी की स्थिति में पहुंच गये हैं.

30-35 से घटकर एक-दो दस्तावेजों का निबंधन

कातिबों के अनुसार, पहले झंझारपुर निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन करीब 30 से 35 दस्तावेजों का निबंधन होता था. नयी पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद यह संख्या घटकर एक-दो दस्तावेज प्रतिदिन रह गयी है.

कातिबों का कहना है कि पेपरलेस व्यवस्था और तकनीकी समस्याओं के कारण रजिस्ट्री कराने वाले लोगों की संख्या भी काफी कम हो गयी है.

नौवें दिन भी जारी रहा असहयोग आंदोलन

मंगलवार को आंदोलन में संघ के अध्यक्ष बौएलाल यादव, सचिव सुरेंद्र मोहन दास, कोषाध्यक्ष गणेश प्रसाद सिंह, जिला कमेटी सदस्य रामशंकर यादव, देवेंद्र लाल दास, आनंद दास, वारिस लाल पासवान, मनीष कुमार, रविंद्र चौधरी, अनीश कुमार, सत्य कुमार महतो, मुन्नीलाल महतो सहित दर्जनों कातिब मौजूद रहे.

कातिबों ने पेपरलेस निबंधन व्यवस्था में आ रही समस्याओं का समाधान करने, ओटीपी और ई-केवाईसी की अनिवार्यता पर पुनर्विचार करने तथा उनकी अनुज्ञप्ति जारी करने की मांग दोहरायी.

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