हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव

Updated at : 16 Apr 2024 9:24 PM (IST)
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हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव

प्रखंड के स्वास्थ्य उपकेंद्र सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर परौल न केवल बदहाल है बल्कि वहां मूलभूत बुनियादी सुविधाओं का भी घोर अभाव है.

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बेनीपट्टी . प्रखंड के स्वास्थ्य उपकेंद्र सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर परौल न केवल बदहाल है बल्कि वहां मूलभूत बुनियादी सुविधाओं का भी घोर अभाव है. येन केन प्रकारेण स्वास्थ्य उपकेंद्र के संचालन की खानापूरी की जा रही है. जबकि यह स्वास्थ्य उपकेंद्र सुदूर ग्रामीण इलाके में संचालित है, जहां आस-पास के 15 से 20 हजार की आबादी को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी है. यहां एक एएनएम भी पदस्थापित हैं तथा यदा कदा कुछ स्वास्थ्यकर्मी भी दिख जाते हैं और यह उपकेंद्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आयुष्मान भारत के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में भी काम कर रहा है. बावजूद उस स्वास्थ्य उपकेंद्र में पेजलापूर्ति, शौचालय और बिजली जैसे बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. ऐसे में इस केंद्र से आस-पास के लोगों को कितनी बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया हो पा रही होगी यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. उपकेंद्र के नियमित संचालन के लिए एएनएम मीना देवी पदस्थापित हैं जो पंचायत के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण कराने का भी दायित्व संभालती हैं. शेष दिनों में उपकेंद्र को खोलकर अपनी ड्यूटी भी करती है. लेकिन बिजली के अभाव में एक ओर जहां भीषण गर्मी में यहां दो से चार घंटे का समय व्यतीत करना दुष्कर प्रतीत होता है, वहीं दूसरी ओर शौचालय नहीं रहने के कारण भी काफी परेशानी होती है. पेयजलापूर्ति के नाम पर भी यहां समस्या बरकरार है. न तो सात निश्चय योजना का नल लगा है न ही चापाकल है. प्यास लगने पर दूर से पानी लाकर प्यास बुझाना पड़ता है. जबकि परौल पंचायत के करीब 15 से 20 हजार की आबादी स्वास्थ्य सेवा के मामले में इसी स्वास्थ्य उपकेंद्र पर पूरी तरह निर्भर है. इस सबंध में ग्रामीण सरोज सिंह राणा, अमित कुमार, भूपेश झा, रामभरोस सिंह, दिलखुश ठाकुर, फूल सिंह, अरुण ठाकुर, महेश साहू, धीरज ठाकुर समेत अन्य लोगों ने कहा कि तकरीबन 30 वर्षों से यह स्वास्थ्य उपकेंद्र इसी तरह चल रहा है. सरकार की पेयजलापूर्ति योजना, हर घर बिजली और शौचालय योजना आदि तमाम योजनाएं यहां आकर दम तोड़ चुकी है. एएनएम मीना देवी ने बताया कि इन समस्याओं के निदान के लिये कई बार वरीय अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन अब तक नतीजा सिफर ही रहा है. इस बाबत पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पीएन झा ने कहा कि शिकायत मिली है. सभी समस्याओं के निदान के लिये सभी संबंधित विभागों से वार्ता की जायेगी और समस्या दूर करायी जायेगी.

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