झंझारपुर में बनेगा 400 केवी ग्रिड सब स्टेशन, मधुबनी-दरभंगा-सुपौल में सुधरेगी बिजली आपूर्ति
प्रतीकात्मक AI तस्वीर
कोसी-मिथिलांचल क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए झंझारपुर में 400 केवी ग्रिड सब स्टेशन का निर्माण किया जाएगा. यह परियोजना क्षेत्र में 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगी, जिससे उद्योग और किसानों को विशेष लाभ होगा.
Jhanjharpur News: कोसी-मिथिलांचल क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है. उद्योग मंत्री सह स्थानीय विधायक नीतीश मिश्रा के प्रयास से एनटीपीसी पीरपैंती के 3x800 मेगावाट यानी 2400 मेगावाट के सुपर थर्मल पावर प्लांट से झंझारपुर को 400 केवी ग्रिड सब स्टेशन से जोड़ने की योजना है. इस परियोजना के पूरा होने से मधुबनी, दरभंगा और सुपौल जिलों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
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1000 एमवीए से अधिक होगी ग्रिड की क्षमता
बीएसपीटीसीएल के वर्ष 2034-35 तक के मास्टर प्लान के तहत झंझारपुर, मधुबनी में 400/220/132 केवी ग्रिड सब स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है. इसकी क्षमता 1000 एमवीए से अधिक होगी.
मंत्री नीतीश मिश्रा ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए विभागीय स्तर पर लगातार पहल की. इसके बाद योजना को स्वीकृति की दिशा में आगे बढ़ाया गया है.
पीरपैंती से झंझारपुर तक बिछेगी 400 केवी लाइन
प्रस्तावित योजना के तहत पीरपैंती एसटीपीपी से झंझारपुर जीएसएस तक करीब 250 आरकेएम लंबी 400 केवी डीसीडीएस लाइन क्वाड मूस कंडक्टर के साथ बिछायी जाएगी.
इसके अलावा दरभंगा-लौकही डीसीडीएस 220 केवी लाइन का लीलो झंझारपुर जीएसएस पर किया जाएगा. फुलपरास-पंडौल डीसीडीएस 132 केवी लाइन को एचटीएलएस कंडक्टर से रीकंडक्टिंग कर झंझारपुर जीएसएस से जोड़ा जाएगा.
24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलने की उम्मीद
परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद मिथिलांचल में 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति का रास्ता साफ होगा. गर्मी और फसल कटनी के दौरान होने वाली लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या में कमी आने की उम्मीद है. इससे लोड शेडिंग भी कम होगी.
नेशनल ग्रिड से सीधे जुड़ाव होने के कारण किसी एक लाइन में खराबी आने पर वैकल्पिक आपूर्ति उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी. ग्रामीण फीडरों का वोल्टेज सुधरने के साथ ट्रांसफार्मर जलने की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है.
उद्योग और किसानों को भी मिलेगा फायदा
400 केवी जीएसएस से क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, डेयरी प्लांट और अन्य उद्योगों के लिए निर्बाध थ्री-फेज बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है.
किसानों को रबी और खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए बेहतर बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है. वहीं स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों में बिजली की बेहतर उपलब्धता से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी लाभ मिलेगा.
मंत्री बोले- विकास की आधारशिला साबित होगा जीएसएस
उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि यह 400 केवी जीएसएस सिर्फ एक ग्रिड नहीं, बल्कि कोसी-मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास की आधारशिला साबित होगा. उन्होंने कहा कि परियोजना से क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा.
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