ePaper

सबकुछ बह गया, कैसे कटेंगे दिन, बाढ़ में डूबे तिरपित का शव चार दिन बाद मिला

Updated at : 28 Jul 2019 5:33 AM (IST)
विज्ञापन
सबकुछ बह गया, कैसे कटेंगे दिन, बाढ़ में डूबे तिरपित का शव चार दिन बाद मिला

झंझारपुर (मधुबनी) : ओझौल गांव में शनिवार को तिरपित पंडित का श्राद्ध था. पूजा के लिए प्रसाद का इंतजाम नहीं हो सका है. किसी तरह रस्म पूरी की जा रही है. क्षत-विक्षत फूस के घर के एक कोने में तिरपित की पत्नी शनिचरी देवी चुपचाप बैठी हैं. एकदम मौन. कमला नदी की बाढ़ इस घर […]

विज्ञापन

झंझारपुर (मधुबनी) : ओझौल गांव में शनिवार को तिरपित पंडित का श्राद्ध था. पूजा के लिए प्रसाद का इंतजाम नहीं हो सका है. किसी तरह रस्म पूरी की जा रही है. क्षत-विक्षत फूस के घर के एक कोने में तिरपित की पत्नी शनिचरी देवी चुपचाप बैठी हैं. एकदम मौन. कमला नदी की बाढ़ इस घर की सारी खुशियां बहा ले गयी और छोड़ दिया अनिश्चित भविष्य.

इसी चिंता में डूब-उतरा रही शनिचरी देवी कभी रोती हैं तो कभी आसमान को निहार रही होती हैं. वह कहती हैं ‘ बाढ़ के पानी ने सब कुछ छीन लिया अब दोनों बेटियों का विवाह कैसे होगा. ‘ 13 जुलाई की रात बलमी मेहठ पंचायत के ओझौल गांव के समीप कमला नदी का पश्चिमी तटबंध टूटा था. हाहाकार मचाते हुए आयी बाढ़ ने न सिर्फ गांव के लोगों को बेघर कर दिया, बल्कि उन्हें दाने-दाने को मोहताज भी कर दिया है.

इस गांव में करीब तीन सौ घर थे, जिनमें से अधिकतर विलीन हो चुके. तिरपित का घर कुम्हार टोली में है. हालत ऐसी हुई कि किसी के दाह संस्कार व क्रिया कर्म तक के लिए दूसरों के आगे हाथ फैलाने पर मजबूर होना पड़ा. गांव के तिरपित पंडित की मौत भी इस बाढ़ में हो गयी. चार दिन बाद उनका शव मिला.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन